घोसी चीनी मिल गेट पर किसान महापंचायत में पहुंचे विभिन्न राजनीतिक संगठनों के नेता।संवाद
घोसी। चीनी मिल में पेराई बंद होने के विरोध में सोमवार को सर्वदलीय किसान महापंचायत हुई। इस दौरान कांग्रेस, सपा, आप, वाम दलों के कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों के सैकड़ों सदस्यों ने सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक धरना दिया और चीनी मिल चालू कराने की मांग की। शाम करीब चार बजे एडीएम सत्यप्रिय सिंह मौके पर पहुंचे। नेताओं ने एडीएम के सामने अपनी बात रखी और सांसद राजीव और सपा नेता डाॅ. सुजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। एडीएम सत्यप्रिय सिंह ने ज्ञापन धरना स्थल पर पढ़कर सुनाते हुए समाधान का आश्वासन दिया। एडीएम के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। आयोजन का नेतृत्व घोसी के सपा सांसद राजीव राय, सपा नेता और महापंचायत के संयोजक डॉ. सुजीत सिंह ने किया।
इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर विधायक राजेंद्र कुमार, विधायक डाॅ. एचएन सिंह पटेल, सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव, संयोजक डाॅ. सुजीत सिंह, सर्वेश यादव, डाॅ. रामकृष्ण यादव, लीलावती कुशवाहा, रामजतन राजभर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव, मिथिलेश कुमार,गया प्रसाद, शिवाकांत मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
न्यूनतम वेतन प्राप्त श्रमिकों को समायोजित किया जाए
सांसद राजीव राय ने इस दौरान मांग की कि किसान सहकारी चीनी मिल तत्काल चालू की जाए। गन्ना किसानों के मिल गेट एवं आवंटित क्रय केंद्रों के संपूर्ण गन्ने की पेराई तक मिल चालू रहे। यार्ड में चीनी मिल सठियांव आजमगढ़ के बनाए गए सेंटर को तत्काल रद्द किया जाए। गन्ना किसानों को पूर्व की भांति चीनी मिल घोसी की पर्ची एवं गन्ना मूल्य भुगतान दिया जाए। पेराई सत्र 2025-26 में अभियांत्रिक, रसायन, गन्ना, सिविल के कार्यों के स्वीकृत बजट एवं कार्यों की जांच हो। सभी विभागाध्यक्षों पर मिल में हुई हानियों का दायित्व निर्धारित कर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित हो। चीनी मिल घोसी की सह इकाई आसवानी को तत्काल चालू किया जाए और अस्थायी कर्मचारियों की भांति न्यूनतम वेतन प्राप्त श्रमिकों को चीनी मिल में समायोजित किया जाए। स्थाई सामयिक न्यूनतम वेतन प्राप्त एवं संविदा श्रमिकों के बकाए वेतन प्रतिधारण भत्ता, बोनस, ओवर टाइम का तत्काल भुगतान हो। नियमानुसार सामयिक कर्मचारियों को छह माह का वेतन भुगतान, चीनी मिल के गंदे पानी के बहाव के लिए पक्का नाला बनवाया जाए। गन्ना किसानों, कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। चीनी मिल के पेराई सत्र में गन्ना लाने वाले किसानों की ट्राॅलियों को एनएच-29 के अगल-बगल न खड़ा किया जाए। दुर्घटनाओं से बचाने के लिए किसानों की ट्रॉलियों को मिल कैंपस में खड़ा किया जाए। किसानों के लिए बनाए गए किसान भवन, शौचालयों की मरम्मत हो। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए। गन्ना किसानों का भुगतान 15 दिनों के अंदर किया जाए।