रतनपुरा। थाना क्षेत्र के बाछपुर दतौड़ा निवासी कल्पनाथ यादव उर्फ मनीष की तहरीर पर पुलिस ने रविवार की रात पिटवाने की सुपारी देने और मारपीट के मामले में 9 के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। रुपये के लेनदेन में घोटाले के मामले में हटाए जाने पर शैलेश यादव ने नए कर्मचारियों को पिटवाने के लिए फल विक्रेताओं को सुपारी दी थी। लेकिन वह अपनी मंशा में विफल रहा और सभी आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए।
प्राथमिकी के अनुसार कल्पनाथ यादव रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने पांच साल से मेडिकल स्टोर पर काम करते हैं। 28 फरवरी को काम समाप्त होने के बाद शाम 6:40 बजे घर के लिए निकले थे। अभी रतनपुरा स्थित राजकीय नलकूप पास पहुंचे थे, कि वहां पहले से मौजूद सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरवां गांव निवासी शैलेश यादव, हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर निवासी पप्पू यादव, खोइया मुबारकपुर निवासी विक्की उर्फ श्री भगवान, पहदेवाजीत निवासी प्रवीण राजभर, गहनी निवासी आयुष भारद्वाज, ढोलबन निवासी अंगद यादव, भुड़सुरी निवासी सूरज यादव, बिलौझा निवासी प्रिंस यादव, रतनपुरा निवासी अमित गिरी ने रुकने का इशारा किया। बाइक की गति धीमी करने पर सभी ने लाठी से हमला कर दिया। वहा जान बचाकर वहां से भागा और कुछ दूरी पर स्थित मेडिकल स्टोर के मालिक डॉ. जयहिंद यादव को घटना के बारे में बता रहा था, तभी मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले मखना निवासी भगवान राजभर ने फोन करके बताया कि घर जाते समय रास्ते में कुछ लोगों ने हमला कर घायल कर दिया है। हुलिया बताने पर पता चला कि ये वही लोग थे।
तहरीर मिलने पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में से हमलावरों की जानकारी मिल पाई है। मुख्य आरोपी पूर्व में इस मेडिकल स्टोर पर काम करता था। रुपये के घोटाले में उसे वहां से निकाल दिया गया था। उसने मेडिकल स्टोर पर तैनात कर्मचारियों को पिटवाने की साजिश रची। - जितेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष, हलधरपुर