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शिवभक्त करेंगे भगवान भोले का जलाभिषेक, तैयारी पूरी

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मऊ। सावन महीना रविवार से शुरू होकर रविवार को ही समाप्त होगा। 25 जुलाई से सावन की शुरुआत हो रही है। सावन माह के मद्देनजर चल रही तैयारियां शनिवार को पूरी हो गई। भक्तों की तरफ से शिव मंदिरों व प्रमुख मंदिरों को सजाने संवारने का काम देर शाम तक जारी रहा तथा तालाब व नदियों के घाट की साफ सफाई की गई। रविवार को शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। ऐसी मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।
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सावन में देवाधिदेव भगवान शंकर की विधि विधान से पूजा होती है। इस बार सावन महीना 29 दिन का होगा। इस में हिंदी महीने में कृष्णपक्ष की द्वितीया और शुक्लपक्ष की नवमी तिथि का क्षय है। लेकिन कृष्णपक्ष में छठ तिथि दो दिन रहेगी। इससे कृष्ण पक्ष तो पूरे 15 दिन का होगा लेकिन शुक्लपक्ष 14 दिन का ही रहेगा। हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना सावन 22 अगस्त तक होगा। रविवार से शुरू होने वाले श्रावण मास के तहत शिव मंदिरों को सजाने संवारने का काम देर शाम तक चलता रहा।
सावन में नगर के शीतला माता धाम स्थित शिव मंदिर, मठिया टोला शिवाला, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआ पुरा स्थित शिव मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित शिव मंदिर, जिला अस्पताल स्थित शिव मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित और रोडवेज शिव मंदिर सहित मधुबन का शिवपुर पांति, कोपागंज, लैरोदोनवार, बारहदुअरिया सहित विभिन्न शिव मंदिरों पर शिवभक्त विधि विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। मंदिर समिति के पदाधिकारी व भक्तगण बिजली, पेयजल सहित विभिन्न सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त करने में तन्मयता से लगे हुए थे शिवभक्तों ने भी गंगाजल लाने की योजना बनाने में लगे थे। कई मंदिरों पर रुद्राभिषेक सहित विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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ऐसे करें भोले की पूजा
इस संबंध में मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा निवासी पं. विरेंद्र शुक्ल ने बताया कि सावन में चार सोमवार और दो प्रदोष व्रत रहेंगे। इसके अलावा कई विशेष शुभ योग भी आएंगे। मान्यता है कि इस माह में किए गए सोमवार के व्रत का फल बहुत जल्दी मिलता है। लेकिन महामारी के संक्रमण से बचने के लिए घर पर ही भगवान शिव की पूजा करें। घर पर की गई पूजा का फल मंदिर में की गई पूजा के बराबर ही मिलता है। इसलिए घर में उपलब्ध चीजों से ही पूजा करनी चाहिए। बताया कि सावन महीने में सुबह जल्दी उठकर नहाएं और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद ऊं नम: शिवाय मंत्र बोलते हुए गंगा जल से भगवान शिव का अभिषेक करें। शिवलिंग पर जल-दूध चढ़ाएं। फिर फूल, बिल्वपत्र, धतूरा और अन्य चीजें चढ़ाकर आरती करें। इसके बाद नैवेद्य लगाएं। भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का ही भोग लगाया जाता है। पूजा-आरती के बाद शिव मंत्र का जाप भी करना चाहिए।
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सावन माह में शिव पूजा के आठ खास दिन
पहला सोमवार-26 जुलाई
दूसरा सोमवार-02 अगस्त
तीसरा सोमवार- 09 अगस्त
चौथा सोमवार- 16 अगस्त
प्रदोष व्रत- सावन में 5 अगस्त व 20 अगस्त को प्रदोष व्रत रहेगा।
चतुर्दशी तिथि- 7 और 21 अगस्त
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