पंचायत चुनाव से पूर्व गांवों में व्याप्त विवादों का पता लगाकर पुलिस कर्मचारी उसका निस्तारण करें, साथ ही साथ निस्तारित मामले पर नजर रखें। ऐसा न हो कि निस्तारण के बाद भी विवाद बना रहे। इसके अलावा उपद्रव करने वालों को चिहिन्त कर सीओ की निगरानी में उन्हें अपराध नियंत्रण की धाराओं में पाबंद करें। अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी बृजभूषण शर्मा बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन पहुंचकर जिले की अपराध समीक्षा करने के बाद आदेश कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दिए।
एडीजी बृजभूषण शर्मा ने कहा कि समीक्षा के दौरान मऊ में अपराध पर पुलिस के द्वारा किया गया कार्य काफी संतोषजनक पाया गया। लेकिन अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें गैंगेस्टर में निरुद्ध किए गए अपराधियों की संपत्ति को सीज करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा जो और अपराधी बचे है, उनको चिन्ह्त कर उनका गैंगेस्टर में चालान कर उनकी संपत्ति को सीज किया जाए।
बोले अभी तक पूरे जोन में संगठित अपराध की श्रेणी में आने वाले गोकशी में संलिप्त 662 का गैगेस्टर में चालान किया गया है। 243 का गुंडा एक्ट में, चार पर एनएसए लगाया गया, तो 259 की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। 350 करोड़ की संपत्ति को सीज किया गया। वहीं अवैध शराब के कारोबार करने वालों की 450 करोड़ की संपत्ति जप्त कर 112 का गैंगेस्टर में, 37 का गुंडा में चालान किया गया।
इसमें 20 नए गैंग चिन्ह्त कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई है। जनवरी से 15 अगस्त तक 1499 का गैंगेस्टर में चालान कर 847 की हिस्ट्रीशीट खोली गई। 135 नए गैंग को पंजीकृत किया गया। 15 लोगों पर रासुका लगाया जा चुका है। 309 अपराधियों को गिरफ्तार तथा चार को पुलिस ने मार गिराया है।
इसके अलावा 58.54 लाख की संपत्ति जप्त की गई है। इसमें मऊ जिले के माफिया रमेश सिंह काका की 1.6 करोड़ की संपत्ति शामिल है। इसके अलावा 12 लोगों को जिला बदर किया गया। इसी क्रम में जिले में सक्रिय डी-9 और डी-16 गैंग के 25 सदस्यों का गैंगेस्टर में चालान कर उनकी करीब 17.50 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को पुलिस ने सीज किया।
एडीजी ने तय किया पुलिस के लिए लक्ष्य
एडीजी ने समीक्षा के बाद मातहतों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया। इसमें गोकशी में गैगेस्टर में निरुद्ध किए गए 50 लोगों की संपत्ति को जप्त कर उन पर रासुका लगाए। सके अलावा अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्घ कार्रवाई की जाए। अवैध शस्त्रों की रिकवरी कर उसको रखने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।