दोहरीघाट। स्थानीय कस्बा स्थित सरयू नदी के जलस्तर में तीन दिन में 65 सेमी का घटाव होने से लोगों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बढ़ गया है। खाकी बाबा की कुटी से लेकर जानकी घाट तक कटान का खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग की तरफ से कटान से बचाव का उपाय किया जा रहा है।
धनौली रामपुर गांव की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डरों पर पानी की तेज धारा टक्कर दबाव मार रही थी। जिससे बोल्डरों के खिसकने का खतरा बना हुआ है। किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है, इससे नगर की ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने से कटान होने लगी है। सिंचाई विभाग की तरफ से कटान से बचाव का उपाय किया जा रहा है। धनौली रामपुर गांव की सुरक्षा के लिए रखे बोल्डरों पर पानी की तेज धारा टक्कर दबाव मार रही थी। तटवर्ती इलाकों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न है।
किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। नदी के रुख से मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर पर खतरा बढ़ गया है।
नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो सोमवार को गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर 69.85 मीटर रहा। रविवार को नदी का जलस्तर 70.20 मीटर था। 24 घंटे से नदी का जलस्तर 35 सेंटीमीटर का घटाव दर्ज किया गया।
नदी खतरा निशान 69.90 से पांच सेमी नीचे बह रही थी। 13 सितंबर 2026 को को 20 सेमी घटाव दर्ज किया गया था। 12 सितंबर 2026 को 10 सेमी का घटाव दर्ज किया गया था।