दोहरीघाट में ऊफनाई घाघरा नदी, बढ़ा जलस्तर। संवाद
दोहरीघाट। एक सप्ताह तक जलस्तर घटने के बाद सरयू नदी के तेवर एक बार फिर तल्ख हो गए हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज होने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कस्बे की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों पर भी खतरा मंडराने लगा है। नदी की लहरें भारतमाता मंदिर की दीवार से टकरा रही हैं।
एक सप्ताह से नदी का जलस्तर घटने से लोग राहत की सांस ले रहे थे। इसी बीच रविवार को नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को नदी का जलस्तर 69.55 मीटर रहा, जबकि शनिवार को यह 69.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ा। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।
कटान पीड़ितों का कहना है कि नदी जब-जब घटती-बढ़ती है, तब-तब कहर बरपाती है। ऐसे में एक सप्ताह बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से खतरा बढ़ गया है। सरयू के बढ़ते जलस्तर से दोहरीघाट की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों पर भी संकट गहराने लगा है। मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय मात्रेय ने कहा कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।