दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर लगातार दूसरे दिन स्थिर होने बावजूद अभी भी खतरा बिंदु से 50 सेमी ऊपर है। नदी बैकरोलिंग करते हुए भारत माता मंदिर श्मशान घाट पर टक्कर मार रही है। जिससे खतरा बढ़ गया है। नदी की लहरों के तट से टकराने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर खतरे में है।
नदी के तटवर्ती इलाकों में गन्ने व धान की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। धनौली, लोहरा, नवली, चिउटिडाड, रिंग बंध तथा बीबीपुर बेलोली बंधे पर पानी का दबाव बना हुआ है। गौरीशंकर घाट पर बुधवार को नदी का जलस्तर 70.40 सेंटीमीटर रहा जबकि मंगलवार को जलस्तर 70.40 मीटर था। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
एसडीएम घोसी आनंद कन्नौजिया ने गोशाला और कटान स्थलों का निरीक्षण किया। कहा कि आपात स्थिति में पशुओं की सुरक्षा के लिए सभी उपाय पहले से तैयार रखे। एसडीएम ने भारत माता मंदिर और गौरीशंकर घाट, चिउटिडाड़, नई बाजार तटवर्ती गावों का दौरा किया। कहा कि तटबंधों को मजबूत करने और कटान रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
सिंचाई विभाग के जेई जेपी यादव को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के लिए निर्देश दिया। इस दौरान नायब तहसीलदार निशांत मिश्रा, राजस्व अधिकारी सुधाकर, अरविंद पांडेय, सुशांत त्रिपाठी आदि लोग रहे।