धोखाधड़ी के मामले में बुनकर अब्दुस समद की तहरीर व एसपी के आदेश पर मऊ कोतवाली पुलिस ने गत दिवस ट्रांसपोर्ट मालिक सहित तीन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि अलग अलग तिथियों में नासिक भेजी गयी 25 लाख रुपए की साड़ियां सही पते पर नहीं पहुंची।
पुलिस से शिकायत करने पर ट्रांसपोर्ट मालिक ने 22 लाख रुपये लौटाने की बात कही, फिर में मुकर गया। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के विश्वनाथपुरा निवासी अब्दुस समद का मऊ कोतवाली के रौजा पर साड़ी की फर्म संचालित है।
यहां मऊवाली साड़ियां बुनकर अलग अलग राज्यों में भेजा जाता है। मऊ कोतवाली के काजीटोला स्थित रायल ट्रांसपोर्ट से विभिन्न तिथियों में महाराष्ट्र के नासिक में अलग अलग फर्मों को साड़ियां भेजी गई थीं, जिसकी कीमत 25 लाख रुपये थी।
ट्रांसपोर्टर काजीटोला निवासी हसीबुर्रहमान और मुहम्मद यूनुस संबंधित फर्मों को न देकर विश्वनाथपुरा मुहल्ला निवासी शहजाद आलम के साथ मिलकर किसी और को बेच दिया गया।
काफी समय बीतने के बाद भी उन फर्मों से पैसा नहीं मिले तो अब्दुस ने बेटे अतीकुर्रहमान को उन फर्मों के पास भुगतान के लिए भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि फर्मों को साड़ियां मिली ही नहीं हैं।
बेटे के वापस आने पर दोनों रायल ट्रांसपोर्ट के कार्यालय पर गए और सारी बात बताई। मामले की जांच के लिए उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जवाब नहीं दिया।
कई बार पूछने पर उन्होंने नासिक के कार्यालय में पता करने की बात कही। जब बेटा नासिक स्थित कार्यालय गया तो वहां कार्यालय बंद करके लोग भाग गए थे। इस मामले में पुलिस से शिकायत करने पर तीनों ने गलती स्वीकार करते हुए नुकसान का मुआवजा भरने को कहा।
कुछ रुपये तीन दिन में और बाकी किश्तों में देने के लिए कही। काफी दिन बीत गए लेकिन उनके द्वारा पैसा नहीं लौटाया गया था। बेटा पूछने गया तो पैसा देने से मना करके हुए गाली देकर भगा दिए और दोबारा मांगने पर जान से मारने की धमकी दिए।
साड़ी गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाकर बातचीत की गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक