जिले में करीब 18 स्थानाें पर पूजा पंडाल स्थापित किए जाएंगे, सरस्वती प्रतिमाओं की लगातार दो दिनों तक पूजन अर्चन होगा।
इसके मद्देनजर सरस्वती पूजन करने की सभी तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। वहीं, कलाकार भी प्रतिमाओं को फाइनल टच देने में लगे हुए थे।
नगर क्षेत्र के ब्राह्मण टोला स्थित राजगद्दी मैदान, अंधामोड़, संस्कृत पाठशाला, सहादतपुरा, नरईबांध, उमापुर, अलीनगर, कोपागंज स्थित चेलाराम का पुरा, बड़ी रस्तीपुर, छोटी रस्तीपुर, बगली पिजड़ा, डुमरांव, सलाहाबाद, बकवल, बेलचौरा सहित जिले के करीब 18 स्थानाें पर पूजा पंडाल स्थापित किए जाएंगे।
जहां भव्य सरस्वती प्रतिमाओं की लगातार दो दिनों तक पूजन अर्चन किया जाएगा। बसंत पंचमी के मौके पर जिले के अधिकांश शिक्षण संस्थाओं में सरस्वती पूजन के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
स्थानीय कलाकारों के अलावा गैर प्रांतों के कलाकारों द्वारा भी प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान मूर्ति कलाकार सरस्वती प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे रहे।
मूर्ति कलाकारों की मानें तो लगभग पांच हजार से लेकर 35 हजार से अधिक की सरस्वती प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है।
प्रतिमा के निर्माण के लिए कलाकारों द्वारा मिट्टी, पुआल, कील, कपड़ा, रंग, पेंट, बांस और रस्सी आदि का प्रयोग किया जाता है।
इस संबंध में मूर्ति कलाकार रामू प्रसाद ने बताया कि मूर्तियों का निर्माण आर्डर मिलने पर किया जाता है। जितने कीमत की मूर्तियां बनाने का आर्डर मिलता है।