मऊ। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी उमेशचंद्र तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कुपोषण की रोकथाम को लेकर एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक संभव अभियान 5.0 को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सतत विकास लक्ष्य दो के तहत 2030 तक कुपोषण की दर में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में नाटेपन की दर को 40% घटाने और वेस्टिंग की दर को 5% से कम करने का लक्ष्य प्रस्तावित है।
इसी प्रकार सतत विकास लक्ष्य 3.2 के अंतर्गत नवजात शिशु मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 12 से कम और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्म पर 25 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में विभागीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतर्विभागीय समन्वय तथा निगरानी एवं मूल्यांकन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इस अभियान में गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित प्रबंधन पर विशेष फोकस किया जाएगा। बैठक के दौरान डीसी मनरेगा उपेंद्र पाठक, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुशील कुमार, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी किरन वर्मा सहित समस्त खंड विकास अधिकारी एवं समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।