फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीई : 770 निजी विद्यालयों में 7070 सीटों पर आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को मिलेगा प्रवेश

विज्ञापन
विज्ञापन
नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया इस वर्ष तीन चरणों में पूरी कराई जाएगी। इसके तहत 770 निजी विद्यालयों में 7070 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया दो फरवरी से शुरू होगी।
विज्ञापन

इस साल पहली बार आरटीई में अभिभावकों के आधार से प्रवेश दिया जा सकेगा। इसी आधार लिंक खाते में किताब-कॉपी आदि के पैसे का भुगतान भी किया जाएगा। जिले मेें आरटीई के तहत पंजीकृत 770 निजी विद्यालयों में 7070 सीटें हैं।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। उनके कॉपी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है।
विज्ञापन

पिछले दो साल से एक दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इस वर्ष 15 जनवरी के बाद तिथि तय की गई है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण में दो से 16 फरवरी तक आवेदन लेने के साथ सत्यापन किया जाएगा।
18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी और 20 को विद्यालय आवंटित होगा। दूसरे चरण में 21 फरवरी से सात मार्च तक आवेदन, सत्यापन और डॉटा लाॅक किया जाएगा। नौ मार्च को लॉटरी और 11 मार्च को विद्यालय आवंटित होगा।
तीसरे चरण में 12 से 25 मार्च तक आवेदन, 27 मार्च को लॉटरी और 29 मार्च को विद्यालय आवंटित किया जाएगा। इस वर्ष पहली बार आरटीई में अभिभावकों के आधार से प्रवेश दिया जा सकेगा।
इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह ने बताया कि तीन चरणों में आवेदन की तिथि तय की गई है। ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद सभी प्रक्रिया तिथिवार पूरी की जाएगी। अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


नर्सरी से पहली कक्षा तक आयु सीमा निर्धारित
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में अर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के दाखिले के लिए कई बदलाव किया गया है। नर्सरी के लिए तीन से चार वर्ष, एलकेजी में चार से पांच वर्ष निर्धारित की गई है। यूकेजी में पांच वर्ष से छह वर्ष, कक्षा एक में छह वर्ष या सात वर्ष से कम होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें