सुमन देवी ने बताया कि 30 अगस्त की शाम उन्होंने अपना और पति के लिए मऊ से लखनऊ तक का जनरथ बस में ऑनलाइन दो टिकट बुक किया। महिला यात्रा निशुल्क होने के बाद भी टिकट कै पैसा लिया गया। बस मऊ डिपो से रात आठ बजे की थी। साढ़े सात बजे सुमन देवी अपने बीमार पति को लेकर रोडवेज पहुंची। एक घंटे बाद भी जनरथ बस बस नहीं आई। मजबूरन दूसरी बस में किराया देकर लखनऊ जाना पड़ा।
किराया रिफंड के लिए टिकट पर दर्ज टोलफ्री नंबर पर फोन करने पर वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वापस आकर महिला ने एआरएम मऊ से शिकायत की। एआरएम ने पैसा वापसी का आश्वासन दिया। लेकिन एक माह बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। महिला ने न्यायालय में शिकायत दर्ज कराते हुए उसे और उसके बीमार पति को परेशान करने का आरोप लगाते हुए 25 हजार रुपये हर्जाने की मांग की।
एआरएम मऊ हरिशंकर पांडेय ने कहा कि रक्षाबंधन पर्व पर एक महिला का टिकट काटने की जानकारी है। विभाग स्तर पर जल्द निपटारा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। टिकट काटने वाले बस के डिपों की भी जांच की जा रही है। नोटिस की जानकारी अभी नहीं मिली है।