रॉबिन के गांव में घर के पास जांच करती टीम। संवाद
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मऊ/फतहपुर मंडाव। राजस्व टीम ने पुलिस बल के साथ मंगलवार को मधुबन थाना क्षेत्र के चकशाह मारूफपुर गांव पहुंची। गांव के बाहर खेत में बने रॉबिन सिंह के घर और जमीन का सीमांकन किया लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं मिला। अंधेरा होने के चलते टीम वापस चली गई। राजस्व टीम बुधवार को गांव में स्थित पुराने घर और अन्य जमीनों का सीमांकन करेगी।
बेल्थरारोड निवासी दो दोस्तों की हत्या में रॉबिन सिंह का नाम उजागर हुआ है। दोनों परिवार के लोगों ने रॉबिन सिंह और उसके साथ रहने वाले कई लोगों का नाम लिया था, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस एनकाउंटर के डर से रॉबिन सिंह ने 20 दिसंबर की शाम मऊ कोतवाली में आत्मसमर्पण कर दिया था। 21 दिसंबर को सुनवाई के बाद कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। 21 दिसंबर की शाम पुलिस और राजस्व विभाग की टीम बुल्डोजर लेकर रॉबिन सिंह के घर पहुंची थी, लेकिन सीमांकन नहीं होने से बिना कार्रवाई किए लौट गई थी। रॉबिन पर मऊ और बलिया जनपद के चार थानों में सात मामले दर्ज हैं। 2018 में लूट और डकैती जैसे अपराध में नाम उजागर होने पर बलिया के भीमपुर थाना की पुलिस ने उसी साल इसपर गैंगस्टर लगाया था। 2019 में उभाव थाना में तीसरा मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद उसकी आपराधिक गतिविधियां बढ़ती गईं। 2024 में मधुबन थाना में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इस साल रामपुर थाना में दो और उभाव में एक मामला दर्ज हुआ।
पुलिस और राजस्व टीम ने रॉबिन सिंह के घर पहुंचकर सीमांकन किया है। अभी गांव के अंदर स्थित पुराने मकान का सीमांकन बचा है, जो बुधवार को होगा। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण मिलने पर ढहाने की कार्रवाई की जाएगी। - राजीव कुमार सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक, मधुबन