मऊ। जिले में कहीं भी होने वाले सड़क हादसों में घायलों को समय से बेहतर इलाज मिल सके, उसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहल की है। अब जिले के नौ सीएचसी क्षेत्र में कहीं भी सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति को एंबुलेंसकर्मी सीएचसी के बजाय सीधे ट्रॉमा सेंटर या जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचेंगे। इसको एबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के प्रोग्राम मैनेजर को पत्र जारी कर दिया गया है।
अब तक एबुलेंसकर्मी घायलों को घटनास्थल के नजदीकी सीएचसी पर लेकर जाते थे, इसके बाद प्राथमिक उपचार और रेफर की कार्यवाही में दो से तीन घंटे का अतिरिक्त समय गुजर जाने के बाद मरीज जिला अस्पताल पहुंच पाता था। सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को समय से इलाज न मिल पाने के चलते जान चली जाती है। इस पर संज्ञान लेते हुए उक्त पहल की गई है।
बताया कि जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा ने इस संबंध में बैठक के दौरान वर्तमान में कोहरे और खराब मौसम में सड़क हादसे में घायल को एक घंटे में उपचार मिलने को लेकर उक्त सुझाव दिए थे।
साथ ही इस सोमवार को देर शाम जिला अस्पताल का निरीक्षण कर सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार को भी जानकारी दी गई है। सीएमएस ने बताया कि वर्तमान में सड़क हादसे में घायलों को तुरंत उपचार मिले इसको लेकर इमरजेंसी के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही अगर सड़क हादसे में विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत होगी तो उसे ऑन कॉल मौजूद रहने का निर्देश जारी किया जा चुका है।