परिवहन मंत्री के निर्देश के बावजूद दोहरीघाट डिपो बस स्टैंड के बाहर सड़क पर अब भी रोडवेज बसें खड़ी हो रही हैं। बस चालकों की मनमानी से दिनभर जाम लगा रहता है।
बीते दिनों परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मऊ डीपो का औचक निरीक्षण किया था। सड़क पर रोडवेज बस को खड़ी देखकर मंत्री ने फटकार लगाई थी। साथ मऊ और दोहरीघाट डिपो के अधिकारियों को हर हाल में रोडवेज परिसर में बसों के खड़ा कराने की बात कही थी।
मऊ डीपो में तो निर्देश का पालन हो रहा है, लेकिन दोहरीघाट डिपो बस स्टैंड के बाहर सड़क पर अब भी रोडवेज बसें खड़ी रहती हैं। यही स्थिति घोसी और मधुबन में भी समस्या बनी है। दोहरीघाट कस्बा में रोडवेज बस चालकों की मनमानी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए समस्या बन गई है। बस स्टैंड बस परिसर के बाहर सड़क पर बसों के खड़ा होने से दिनभर जाम की लगा रहता है। चालक सड़क पर बस खड़ी कर सवारी बैठाते हैं, फिर गंतव्य के लिए रवाना होते हैं। दोहरीघाट डिपो की 54 सहित गोरखपुर, बेल्थरारोड, गाजीपुर, वाराणसी, काशी, कैंट, सोनभद्र, सहित अन्य डिपो की 200 से अधिक बसें दिनभर यहां से गुजरती हैं। जल्दी निकलने के चक्कर में चालक सड़क पर ही बस खड़ी कर देते हैं।
जिसके चलते कस्बा में वाहनों की कतार लग जाती है। कभी कभी बस चालकों का दूसरे वाहन चालकों से झगड़े की स्थिति भी बन जाती है। यही बसें घोसी और मधुबन बस स्टैंड से होकर यहां पहुंचती हैं, वहां भी सड़क पर ही खड़े होकर सवारी बैठाते हैं। कस्बेवासियों और दुकानदारों ने कई बार एआरएम से इसको लेकर शिकायत किया, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ।
एआरएम एके मिश्र ने बताया कि बस स्टेशन के बाहर सड़क पर बस खड़ी होने से जाम लगने की शिकायतें मिलती हैं। चालकों से बस को अंदर खड़ी करने के लिए कहा जाता है। यदि दोबारा ऐसी शिकायत आती है तो जांच के बाद संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।