मऊ। धवरियासाथ से बरलाई तक करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क दो साल में पांचवीं बार धंस गई है। पूराघाट में पुल के पास सड़क बीचोबीच धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया है, जबकि चार अन्य स्थानों पर सड़क के किनारे भी धंसाव हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब सात करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2023 में सड़क का नवीनीकरण कराया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद से सड़क के धंसने का सिलसिला लगातार जारी है।
बरलाई से धवरियासाथ तक 7.240 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एफडीआर तकनीक से कराया गया था। इसके लिए 607.86 लाख रुपये खर्च किए गए। सड़क निर्माण के बाद जांच टीम ने मानकों के अनुरूप कार्य होने की पुष्टि भी की थी।
चार स्थानों पर किनारे धंसे, पुल के पास बना बड़ा गड्ढा-बारिश के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही से रैनी, बैजापुर और कासीमपुर में सड़क के किनारे धंस गए हैं। वहीं पूराघाट पुल के पास सड़क के बीच बड़ा गड्ढा बन गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा और बढ़ सकता है। धवरियासाथ गांव में विवाद के चलते करीब 250 मीटर सड़क अब तक अधूरी पड़ी है। इससे भी आवागमन प्रभावित हो रहा है।
पाइपलाइन के लिए खोदी सड़क, गड्ढे नहीं भरे-बीते वर्ष बारिश के दौरान जल निगम ने कुर्थीजाफरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में यूनियन बैंक से करीब 400 मीटर दक्षिण की ओर सड़क की गिट्टियां उखाड़कर खोदाई कराई थी। पाइपलाइन बिछाने के बाद भी खोदे गए गड्ढों को ठीक से नहीं भरा गया। इसके चलते बारिश के बाद सड़क किनारे से धंसने लगी और करीब 400 मीटर हिस्से में सड़क की चौड़ाई भी कम हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खोदे गए गड्ढों को जल्द नहीं भरा गया और सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो पुल के पास सड़क का हिस्सा पूरी तरह धंस सकता है। लगातार हो रहे धंसाव के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
सड़क धंसने की जानकारी नहीं है, एफडीआर तकनीकी से बनी सड़कों की देखरेख 5 साल तक करना है। यदि सड़क धंसी होगी तो उसे ठीक कराया जाएगा।-अरुण कुमार वर्मा ,अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग