स्थानीय कस्बे में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
नाले के रास्ते बाढ़ का पानी कस्बे के मल्लाह टोला में करीब 50 मीटर तक घुस गया है। कई स्थानों पर सड़कों पर भी पानी बहने लगा है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कस्बे के भगवानपुरा और दलित बस्ती में भी पानी घुसने की आशंका है। तटवर्ती इलाकों में हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। इससे किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। फसल डूबने से पशुओं के चारे का संकट भी गहरा गया है। पशुपालकों को गहरे पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है।
खाकी बाबा की कुटी से जानकी घाट तक करीब 100 मीटर क्षेत्र में पानी का दबाव बढ़ने से कटान का खतरा बढ़ गया है। भारत माता मंदिर, श्मशान घाट, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर और जानकी घाट सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
धनौली रामपुर, नई बाजार, रामनगर, बहादुरपुर, सरया, पतनई गौरीडीह, गोधनी, जमीरा, चौराडीह, बीबीपुर, कोरौली, बेलौली, महुआबारी, रसूलपुर और सूरजपुर में हजारों एकड़ फसल जलमग्न है। इससे पशुओं के चारे की समस्या विकट हो गई है। गौरीशंकर घाट पर बुधवार को नदी का जलस्तर 70.50 मीटर दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार को यह 70.45 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में पांच सेमी की वृद्धि हुई। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 60 सेमी ऊपर बह रही है।