मऊ। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। धांधली और घटतौली की शिकायत को लेकर ग्रामीण शिकायत करते रहते हैं। लेकिन गत दिनों धांधली को लेकर अजीब मामला प्रकाश में आया है। जिसमें एक शिकायतकर्ता द्वारा अपने परिवार में बाहरी दो व्यक्तियों को उसके परिवार का सदस्य बताते हुए उसे खाद्यान वितरित कर दिया गया है। शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद भी अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं।
बताते चले कि जिले में अंत्योदय के 56594 तथा तीन लाख 19 हजार 725 कार्डधारक है। जिन्हें हर माह शासन द्वारा आवंटित राशन की दुकानों से खाद्यान वितरित किया जाता है। लेकिन इनमें कुछ फीसदी ही परिवारों को वितरित होने वाले खाद्यान का शत प्रतिशत मिल पाता है, नहीं तो धांधली और घटतौली के चलते कई परिवार तो इससे वंचित रह जाते हैं। जबकि धांधली रोकने के लिए तरह-तरह के नियम बनाकर नकेल कसने का काम कर रही है लेकिन विभागीय मिलीभगत से कोटेदार उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं। लेकिन गत दिवस भीटी निवासी मनोज सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह द्वारा सौंपे गए एक शिकायत पत्र में धांधली का एक मामला प्रकाश में आया है। शिकायतकर्ता ने अपने राशन में अमन मद्देशिया तथा अंकित मद्देशिया नाम के दो बाहरी व्यक्तियों को परिवार को सदस्य पंजीकृत दिखाकर सितंबर तथा अक्तूबर माह में खाद्यान लेने की बात कही है। इसमें इन दोनों बाहरी व्यक्तियों द्वारा सितंबर माह में गेहूं 15 किग्रा तथा चावल 10 किलो लेने का आरोप लगाया है। शिकायकर्ता ने बकायदा इन दोनों द्वारा उठाए गए राशन का प्रिंट निकालकर विभाग के अधिकारियों को सौंपा है। जिसमें समय के साथ बायोमैट्रिक सिस्टम पर बकायदा अंगूठा लगाकर राशन निकाला जाना दिख रहा है। शिकायतकर्ता के शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही हैं। वहीं इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। सोमवार को वो मामले को अपने संज्ञान में लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।
बताते चले कि इसी तरह के धांधली में ही बीते सितंबर माह में एक निरीक्षक पर कार्रवाई हो चुकी हैं। ऐसे में दुबारा फिर इस तरह की धांधली के मामले सामने आना ना केवल अधिकारियों और ककोटेदारों की मिलीभगत को बयां कर रहा है। सूत्रों की माने तो मिली भगत के चलते यूनिट के हिसाब से प्रति कार्ड चार से पांच किलो राशन कम दिए जाने की बात आम हो गई है। इतना ही नहीं बायोमैट्रिक मशीन में अंगूठा लगवा उनके हिस्से का राशन गटक जा रहे हैं। शिकायत के बावजूद नगर परिक्षेत्र के अधिकांश कोटेदार इन करतूतों से बाज नहीं आ रहे।