मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को विधिक सेवा दिवस के अवसर पर प्राधिकरण के सचिव/सिविल जज सीनियर डिवीजन शुभम वर्मा के निर्देशन में जिले के सभी तहसीलों में विधिक साक्षरता शिविर/ गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में लोगों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और दायित्वों के साथ ही विभिन्न विषयों पर कानूनी जानकारी दी गई।
इसके साथ ही विधिक सेवा दिवस के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान लोगों को प्राधिकरण की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं के बावत बताया गया। साथ ही लोगों को शासन की ओर से आमजन के हित में संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। इस दौरान वक्ताओं ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए छोटे मामलों को लोग अदालतों के माध्यम से हल कराने पर जोर दिया। कहा कि लोक अदालतों में निस्तारित मामले अंतिम होते हैं। उसकी न तो अपील होती है न ही रिवीजन। लोक अदालतों में मुकदमों के निस्तारण से आपसी कटुता समाप्त हो जाती है। क्योंकि मामला दोनों पक्षों की सहमति से निस्तारित होते हैं। इसमें न तो किसी जीत होती है न ही किसी की हार होती है। इस मौके पर काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे। संवाद