जिले के सरकारी स्कूलों के नौनिहालों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मिड-डे मील योजना संचालित है। कई स्कूलों में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बन रहा है तो कई में फलों का वितरण ही नहीं किया जा रहा है।
बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के पलिया महमूदपुर प्राथमिक विद्यालय में रोटी-सब्जी की जगह चावल-सब्जी बना था।
पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत परिषदीय, सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को दिए जाने वाले मौसमी फलों की आसमान छूती कीमतों से परेशानी बढ़ी है।
पिछले एक दशक से बच्चों को मिलने वाले फल का बजट मात्र चार रुपये प्रति छात्र ही है, जबकि इस अवधि में बाजार में फलों की कीमतें दो से चार गुना तक बढ़ चुकी हैं। विभाग की ओर से प्रति वर्ष लगभग 50 लाख रुपये का बजट जारी किया जाता है।
टीम की पड़ताल में कई सरकारी विद्यालयों में फल वितरण नहीं कराया जाना मिला, जबकि कुछ विद्यालयों में फल वितरित किया गया। विद्यालयों में फल न मिलने से बच्चे मायूस नजर आए।
जिले के 1400 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 1.30 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की ओर से प्रति बच्चा चार रुपये की दर से बजट मिलता है। विभाग से प्रति वर्ष लगभग 50 लाख रुपये का बजट जारी किया जाता है।
बाजार में केला 60 से 80 रुपये प्रति दर्जन बिक रहा है। अन्य फलों के दाम भी आसमान पर हैं। ऐसे में योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से होता नहीं दिख रहा है। कागजों पर तो शत-प्रतिशत विद्यालयों में फल वितरण दर्शाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
बच्चों में केला वितरित किया गया
करहां। क्षेत्र के मालव स्थित प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम योजना के तहत 282 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष 240 बच्चों को केला वितरित किया गया। इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालय बनियापुर में 311 के सापेक्ष 248 बच्चों को केला वितरित किया गया। संवाद
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कई विद्यालयों में नहीं बंटा फल, बच्चे मायूस, मीनू के अनुरूप नहीं बना भोजन
बोझी। बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में सोमवार को फल वितरण नहीं होने से छात्र संख्या पर असर पड़ रहा है। फल न मिलने से बच्चे मायूस नजर आए। क्षेत्र के पलिया महमूदपुर प्राथमिक विद्यालय में मीनू के अनुरूप भोजन नहीं बना था। रोटी-सब्जी की जगह चावल-सब्जी बनी थी, लेकिन फल का वितरण नहीं किया गया। विद्यालय में 20 बच्चों की उपस्थिति रही। रेयांव स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में मीनू के अनुरूप रोटी-सब्जी बनी थी, लेकिन फल वितरण नहीं हुआ। संवाद
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बच्चों में वितरित किया गया फल
अमिला। क्षेत्र के हड़हुआ स्थित कंपोजिट विद्यालय में अध्ययनरत 101 छात्र-छात्राओं में केला वितरित किया गया। प्रधानाध्यापक रमाकांत यादव ने बताया कि मीनू के अनुसार मिड-डे मील के तहत भोजन और फल वितरित किया जाता है। संवाद
बच्चों में नहीं बंट सका फल
रतनपुरा। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में फल का वितरण नहीं कराया जा रहा है। फल न मिलने से बच्चे मायूस नजर आए। प्राथमिक विद्यालय जोगापुर और प्राथमिक विद्यालय बिसुकिया में मीनू के तहत रोटी-सब्जी दी गई थी, लेकिन बच्चों का कहना था कि फल और दूध का वितरण नहीं होता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापकों का कहना था कि फल मंगाया जा रहा है। संवाद
कोट-
जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में प्रत्येक सोमवार को फल वितरण कराया जाता है। प्रधानाध्यापकों को मीनू के अनुरूप मिड-डे मील के तहत भोजन और फल वितरित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। -पीयूष पांडेय, जिला समन्वयक, मिड-डे मील
पलिया महमूदपुर शिक्षा क्षेत्र बड़राव जनपद मऊ प्राथमिक विद्यालय भोजन बना था चावल सब्जी लेकिन फल