शराबी पिता ने रविवार की सुबह अपने छह वर्षीय मासूम बेटे का गला रेतकर हत्या करने का प्रयास किया। संयोग था कि पास में मौजूद एक चाय वाले ने देख लिया और विरोध किया। इसपर गुस्साए पिता ने चाय वाले पर भी कुल्हाड़ी से हमलाकर उसे लहूलुहान कर दिया।
घटना के बाद उसने खुद भी तमसा नदी पर बने रेलवे पुल से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया। गंभीरावस्था में चाय वाले एवं मासूम के साथ ही आरोपी को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पिता पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के ढेकुलियाघाट पुल खालसा चक कानूनगोयान की है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के तमसा नदी किनारे ढेकुलियाघाट के निकट खालसा चक कानूनगोयान मुहल्ला है। रविवार की सुबह वीरेंद्र कुमार गुस्से में अपने छह वर्षीय मासूम बेटे विशाल को पकड़कर उसका चाकू से गला रेतने लगा।
बालक के चिल्लाने पर पास का ही एक चाय बेचने वाला दूकानदार केदार दौड़कर मासूम को बचाने गया। इससे क्रोधित वीरेंद्र कुमार ने बालक को छोड़कर उसपर ही कुल्हाड़ी से हमलाकर दिया। सिर में कुल्हाड़ी लगने से केदार वहीं ढेर हो गया और खून से लथपथ हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।
इससे घबराकर आरोपी वीरेंद्र तमसा नदी पर बने रेलवे के पुल पर चढ़ गया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस के साथ ही सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। लाख मना करने के बाद भी आरोपी ने पुल से छलांग लगा दी।
पुलिसकर्मियों ने नीचे चादर से ही उसे रोक लिया और उसकी जान बचा ली। पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत गंभीर होने के चलते केदार चाय वाले दुकानदार को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया।
जब कि विशाल का आपरेशन किया गया। इसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र कुमार के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा पंजीकृत किया है। इस संबंध में कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि चाय वाले की सक्रियता एवं पुलिस की तत्परता के चलते बड़ी घटना को बचा लिया गया। आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।