दोहरीघाट में नवली चिउटीडाड़ में घाघरा नदी पर बना रिंग बांध।
बरसात शुरू होने में चंद दिन शेष हैं, लेकिन जर्जर बंधों पर मरम्मत कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। बंधों की मरम्मत न होने से घाघरा के तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता अभी से सताने लगी है। धनौली लोहडा रिंग बाध, चिऊटीडाड़ बनंधा तथा बीबीपुर बेलौली की बंधो की स्थिति दयनीय है। बंधों की मरम्मत न होने से दरारें पड़ गई हैं। बंधे जर्जर हो गए हैं। सिंचाई विभाग ने पांच किमी लंबे बीबीपुर बेलौली बंधे तथा नौली चिऊंटीडाड़ बंधे की मरम्मत के लिए कुल तीन करोड़ स्वीकृत तो किया है। लेकिन अभी तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। तटवर्ती इलाके के लोगों को अभी से नदी के कहर बरपाने का डर सताने लगा है।
दोहरीघाट ब्लाक का क्षेत्र बाढ़ प्रखंड आजमगढ़ में आता है। दोहरीघाट-आजमगढ़ मार्ग पर महुला गढ़वल बांध व चिऊटीडांड़ रिंग बांध की स्थिति ठीक नहीं है। इसी तरह नौली, चिऊटीडांड़, हरधौेली, चकभगवानदास आदि गांवों को घाघरा की कटान से बचाने के लिए चिऊटीडांड़ रिंग बांध बनाया गया है।गत वर्ष तटवर्ती गांव धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, पतनई, बीबीपुर, सडासो, बेलौली, पाउस, सूरजपुर आदि गांवों की हजारों एकड फसल बर्बाद हो गई थी।धनौली लोहडा रिंग बांध, चिऊटीडांड़ बंधा तथा बीबीपुर बेलौली बंधो की स्थिति दयनीय है। बंधों की मरम्मत न होने से दरारें पड़ गई हैं।
विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि बरसात होने में कुछ ही दिन शेष हैं मरम्मत कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। बंधे की मरम्मत के मामले में राजकुमार यादव, सूर्यभान प्रसाद, जयनारायण, सूर्यबली, बहादुर राम का कहना था कि प्रतिवर्ष बंधों की मरम्मत कार्य में खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी जाती है। बंधों की स्थिति दयनीय है। बावजूद करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद भी बंधों का पुनर्निर्माण नहीं कराया जा सका है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि एक करोड़ की लागत से पांच किमी लंबे बीबीपुर बेलौली बंधा पर मरम्मत कार्य चल रहा है। सिचाई खंड आजमगढ के जेई विजय जायसवाल का कहना है कि दो करोड की लागत से नौली चिऊंटीडांड़ बंधे पर एक मीटर मिट्टी फेंककर ऊंचा किया जा रहा है।