घोसी तहसील में क्रमिक अनशन करते लोग।संवाद
मऊ। जनगणना 2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग गणना के लिए स्पष्ट विकल्प देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बुधवार से घोसी तहसील में क्रमिक अनशन शुरू किया।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अनीश सिंह को सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार ने 14 अगस्त 2026 को जनगणना के 40 सवालों की अधिसूचना जारी की थी। संगठन का आरोप है कि इसमें ओबीसी की गणना के लिए अलग विकल्प नहीं दिया गया है। मोर्चा ने इसे लेकर आपत्ति जताते हुए जातिवार जनसंख्या के सही आंकड़े जुटाने के लिए ओबीसी गणना की व्यवस्थित व्यवस्था लागू करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि केवल ओपन कॉलम के माध्यम से जाति दर्ज किए जाने से आंकड़ों में विसंगति की आशंका रहेगी। इसलिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह ओबीसी के लिए भी अलग विकल्प दिया जाना चाहिए।
मोर्चा ने प्रत्येक राज्य के लिए मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने और प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड देने की मांग की। संगठन ने अनियंत्रित ओपन कॉलम के स्थान पर मानकीकृत व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। इसके अलावा असूचीबद्ध जातियों के सत्यापन के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई गई।
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि ओबीसी की वास्तविक संख्या के स्पष्ट आंकड़े सामने आने से सामाजिक और नीतिगत निर्णयों के लिए बेहतर आधार तैयार होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।