वाशिंग लाइन के क्रैक हुए पिलरों को तोड़ते हुए मजदूर। अब नए तरीके से बनेंगे बीम वाले बनेगे पिलर।
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20 करोड़ की लागत से चार साल में बन कर तैयार हुए वाशिंग लाइन को अब रेलवे फिर से तोड़कर बनवाएगा। वाशिंगलाइन के लिए बनाए पिलरों में आए क्रेक के बाद रेलवे ने यह निर्णय लिया है। गुरुवार को पुराने पिलरों को तोड़ने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। अब बीम आधारित पिलर पर वाशिंग लाइन बनाई जाएगी। इस कार्य में तीन माह से अधिक समय लगने की उम्मीद है। उधर इस दौरान निर्माण कार्यो की जानकारी लेने के लिए गोरखपुर से निर्माण शाखा के चीफ इंजीनियर मौके पर मौजूद रहे। उधर, रेलवे जांच में लीपापोती में जुटा है।।
छह मार्च को रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा लोकार्पण के बाद भी एक माह से बंद वाशिंगपिट का संचालन अब तीन माह बाद दुबारा मेटेनेंस के बाद ही शुरू हो सकेगा। लोकार्पण के दूसरे दिन 13 पिलरों में आए क्रेक ने सालों से बन रहे वाशिंगपिट कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल कर रख दी। अमर उजाला द्वारा 8 मार्च वाशिंग पिट के पिलर हुए क्षतिग्रस्त शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसके बाद चेते रेलवे प्रशासन ने इस खामी को दुरस्त कराने की कवायद की। बल्कि 14 मार्च को एक पिलर का तोड़कर सैंपलिंग के लिए ले जाया गया था। वाशिंगलाइन का निर्माण में अमानक सामग्री के प्रयोग के चलते जांच में पिलर मजबूत नहीं होना पाया गया। लेकिन 20 दिन से ज्यादा बीतने के बाद निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारी- कर्मचारी तथा कार्यदायी संस्था पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
रेलवे सूत्रों की माने तो रेलवे द्वारा वाशिंगलाइन में बने पिलर को मजबूती देने के लिए विम आधरित पिलर का निर्माण कराया जाएगा। इसमें तीन माह से ज्यादा का समय लगेगा। गुरुवार को निर्माण कार्यो की जानकारी लेने के लिए गोरखपुर से निर्माण शाखा के चीफ इंजीनियर भी वाशिंगपिट पहुंचे। जहां उन्होंने वाशिंगलाइन का मुआयना करते हुए स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
बताते चले कि मऊ जंक्शन के प्लेटफार्म चार के दूसरी छोर स्थित करीब 20 करोड़ की लागत से कोचिंग टर्मिनल तथा वाशिंगपिट का निर्माण कराया गया। जहां 6 मार्च को लोकार्पण के पहले दिन ही वाशिंग पिट का शुभारंभ के दौरान लखनऊ-मऊ दिसप्ताहिक एक्सप्रेस की धुलाई के दौरान दो पिलर क्रेक हो गए थे। इस बाबत पूवोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि वाशिंग लाइन को मजबूती देने के लिए इसका दुबारा निर्माण कराया जा रहा है। उन्हाेंने जांच की प्रगति और आनन फानन में दुबारा टेंडर जारी करने के के बारे में कुछ भी बताने से इंकार किया।