पिपरीडीह। वाराणसी-भटनी रेलखंड स्थित पिपरीडीह गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग को रेलवे ने बुधवार को स्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे पहले भी फाटक को बंद करने के दौरान ग्रामीणों के हुए विरोध को देखते हुए आरपीएफ-जीआरपी के अधिकारियों के अलावा सरायलंखसी एसओ राम सिंह की मौजूदगी में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थी। रेलवे ने फाटक को बंद करने के लिए दोनों तरफ गहरा गड्ढा करने के साथ बैरीकेडिंग का काम शुरू कर दिया। रेलवे द्वारा मानव रहित क्रॉसिंग को बंद किया जा रहा है।
इसी क्रम में वाराणसी-भटनी रेलखंड स्थित पिपरीडीह रेलवे स्टेशन के पश्चिम स्थित रेलवे क्रॉसिंग फाटक 6 सी को बंद करने के लिए बुधवार को रेलवे के एईएन दीपक कुमार, आईओडब्ल्यू दीलीप कुमार, पीडब्ल्यूआई अनिल कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ-जीआरपी सुबह 11 बजे पहुंची। उधर रेलवे अधिकारियों की सूचना पर पहले से ही सरायलंखसी एसओ राम सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात थी। जहां रेलवे द्वारा जेसीबी की मदद से रेलवे फाटक के दोनों तरफ गहरे गड्ढे खोदने का कार्य शुरू कर फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। वहीं रेलवे द्वारा गड्ढे खोदने के बाद दोबारा रास्ता न बनाया जाये इसके लिए फाटक के दोनों तरफ बैरीकेडिंग का कार्य किया जाएगा। उधर बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के चलते ग्रामीणों ने इस बार कोई विरोध नहीं किया। बताते चले कि छह माह पूर्व रेलवे ने जब फाटक को बंद करने का प्रयास किया उसी दौरान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर काम रुकवा दिया था।
फाटक बंद होने से बढ़ेगी तीन किमी की दूरी
पिपरीडीह। रेलवे क्रॉसिंग बंद हो जाने के कारण परदहां ब्लाक के पतिला, हासपुर, मड़ईया, सरेजा आदि गांवों के लोगों को तीन किलो मीटर अधिक दूरी तय कर दूसरे रास्ते से जाना होगा। इतना ही नहीं पिपरीडीह गांव के ज्यादातर किसानों के खेत रेलवे लाइन के दूसरी तरफ है, ऐसे में रेलवे क्रॉसिंग बंद हो जाने के कारण खेती किसानी का कार्य भी प्रभावित होगा।