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कोरोना मरीजों की नई जगह बना रेलवे आइसोलेशन कोच

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मऊ। जुलाई माह के शुरुआती पांच दिन में ही 33 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके है।इन मरीजों को लेकर जिले में कुल मरीजों की संख्या 167 पहुंच चुकी हैं। लगातार बढ़ रही संख्या में मरीजों के मिलने के चलते जिले का कोविड अस्पताल परदहा भी फुल हो चुका हैं। फलस्वरूप स्वास्थ्य महकमा ने नए 19 मरीजों को कोविड अस्पताल के बजाए मऊ जंक्शन के प्लेटफार्म 2 पर खड़े आईसोलेशन कोच के दो कोचों में रखा गया है। आईसोलेशन कोच में कोरोना पॉजीटिव मरीजों को अलग कोचों में रखकर उनके स्वास्थ्य पर हर घंटे नजर रखा जा रहा है। इसके लिए मेडिकल टीम के साथ विजिटिंग टीम कार्य कर रही हैं।
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जुलाई माह के दो जुलाई को पांच, तीन जुुलाई को 14, चार जुलाई को 13, पांच जुलाई को एक मरीज मिल चुके हैं। पांच दिन में ही 33 नए मरीज तथा पहले से मरीजों के भर्ती होने से 40 बेड का कोविड अस्पताल परदहा फुल हो चुका है। जिसके बाद बीते दो दिन में मिले 19 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 2 पर खड़ी आईसोलेशन कोच में रखा गया है। इन मरीजों को एस-9 तथा एस-10 कोच में रखा गया है।
वहीं अन्य कोचों में कोरोना मरीजों के संपर्क में रहने वाले 44 लोगों को दूसरे कोचों में रखा गया है। संदिग्ध मरीज कोरोना मरीजों के कोच तक पहुंच नहीं पाए इसके लिए एस-9 तथा एस-10 कोच को दूसरे कोचों से जोड़ने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कोविड अस्पताल परदहा में कुछ मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उनके डिस्चार्ज होने पर कोच में रखे गए मरीजों को अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को आईसोलेशन कोच में अलग कोच में रखा गया है। इन मरीजों के देखभाल के लिए मेडिकल टीम लगी हुई है।
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हर दो घंटे पर विजिट कर ले रहें हैं जानकारी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आईसोलेशन कोच में कोरोना संक्रमित मरीजों के रखे जाने के बाद खासी सर्तकता बरती जा रही है। तीन शिफ्ट में मेडिकल टीम लगातार मरीजों के साथ संदिग्ध मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही हैं। इसके अलावा एक विजिटिंग टीम में शामिल चिकित्सक, फार्मास्टि तथा लॉजीस्टिक द्वारा हर दो घंटे पर सभी मरीजों की विजिट कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
ऑक्सीजन तथा अन्य उपकरणों से लैस तैयार रहता है एक वाहन
रेलवे स्टेशन पर एक एबुलेंस एक्टिव मोड पर वहीं तैनात रहती है। अगर किसी मरीज या संदिग्ध की तबियत खराब होने पर आवश्यकतानुसार एल-1 अस्पताल या एल-2 अस्पताल ले जाया जा सके। इसके अलावा आक्सीजन तथा अन्य सुरक्षा उपकरण से लैस एक वाहन 24 घंटे एक्टिव मोड पर सीएमओ कार्यालय खड़ा रहता हैं।जिससे आवश्यकता पर वह कोविड अस्पताल या आइसोलेशन कोच पहुंच सके।
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