डीसीएसके पीजी कालेज के निकट मंगलवार को भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। कहा कि प्रधानमंत्री को गरीबों और किसानों की समस्याओं के लिए अपने देश में ही फुरसत नहीं हैं, जबकि वह आए दिन कारपोरेट को फायदा पहुंचाने के लिए विदेशी दौरा कर रहे हैं।
इस दौरान भाकपा माले के नेता बसंत कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम जब गिर रहा था तो हमारे देश की तेल कंपनियां अपना घाटा पूरा करने के नाम पर दाम मामूली रूप से क म कीं।
इसमें केंद्र सरकार की कारपोरेट घरानों से बहुत बड़ी मिलीभगत है। कहा कि यह दोहरी नीति है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तेल के मूल्यों में कमी या बढ़ोत्तरी होनी है तो यह शर्त बढ़ने और घटने पर एक समान होनी चाहिए। लेकिन तेल कंपनियों ने सरकार को विश्वास में लेकर अपना उल्लू सीधा किया।
कहा कि हमारे देश से सस्ता पाकिस्तान और बंगलादेश में डीजल और पेट्रोल है लेकिन भारत सरकार को इसकी परवाह नहीं है। वह तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ही सत्ता में आई है। कहाकि मोदी सरकार पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली होती जा रही है। इस अवसर पर मुख्य रूप से अखिलानंद पांडेय, इसरार रजा, महानंद, साधू यादव, चंद्रदेव राजभर, अनिता चौहान, राजेश भारती आदि शामिल रहे।