मऊ। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर में जोरदार प्रदर्शन किया। जीवनराम छात्रावास के मैदान से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंका गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
प्रदर्शन में सपा, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के नेता, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जीवनराम छात्रावास के मैदान से कलेक्ट्रेट मुख्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई।
चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सर्वोच्च है। यदि चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं तो इंडिया गठबंधन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए गठबंधन एकजुट होकर संघर्ष करेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। उनका दावा था कि देश की जनता महंगाई और ऐसे राजनीतिक हथकंडों से परेशान है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
मतदाता सूची से नाम काटने का लगाया आरोप
मुहम्मदाबाद गोहना से सपा विधायक राजेंद्र कुमार, पूर्व एमएलसी रामजतन राजभर और पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ''साधु'' ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में विपक्ष समर्थकों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई करने और चुनाव आयोग में निष्पक्ष एवं ईमानदार व्यक्ति की नियुक्ति की मांग की।
संविधान की रक्षा का लिया संकल्प
पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा और सपा के राष्ट्रीय सचिव हाजी इरफान ने कहा कि भारत का संविधान सभी धर्मों और वर्गों को एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संवैधानिक मूल्यों को कमजोर कर रही है। उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
नगर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के विरोध में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करते कलेक्ट्रेट जाते इं- फोटो : Archive