मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को संत रविदास 643 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। अनुयायियों ने गाजे -बाजे के साथ जुलूस निकाला। रविदास मंदिरों पर हवन पूजन किया गया। गोष्ठी व सभा के जरिए संत रविदास के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला गया। उधर, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के चलते कई स्थानों पर जाम की स्थिति रही।
नगर स्थित जेठमल पोखरा स्थित रविदास मंदिर से निकला जुलूस निजामुद्दीनपुरा, मुंशीपुरा, घोड़ा दलाल की बारी मिर्जाहादीपुरा चौक से होते हुए बाबा झगरु दास की समाधि पर पहुंचा। वहां हवन -पूजन के पश्चात सदर चौक, धोबिया, इमिली बाजार होते हुए जेठमल पोखरा स्थित रविदास मंदिर पर पहुंचा। यहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने समाज को समरसता, सहिष्णुता और भाईचारे का संदेश दिया। वह निर्गुण ब्रह्म के उपासक थे। उनका मानना था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। भारतीय हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने नगर के कतुआपुरा स्थित मातृ मंदिर प्रांगण में संत रविदास के चित्र पर माल्यार्पण किया। साथ ही उनके बताए आदर्शो को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष आदित्य रंजन सिंह, धीरेंद्र, साहिल, विशाल, अजीत आदि शामिल रहे। संत शिरोमणि गुरु रैदास फाउंडेेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में संत बाबा झगरुदास समाधि स्थल पर आयोजित समारोह में वक्ताओं ने संत रविदास सहित महापुरुषों के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला। मधुबन: विभिन्न इलाकों में रविदास जयंती पर शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें संत रविदास, बाबा भीमराव आंबेडकर की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा दरगाह बाजार, मर्यादपुर, दुबारी, मधुबन, बनियाबान तिराहे से दुबारी मोड़ से गुजरी। इस दौरान बाजारों में जाम की स्थिति बनी रही। अमिला: यहां से निकला जुलूस बसावनपुर, अकटहवां, पांडेय का पुरा अमिला सहित विभिन्न इलाकों से होते हुए कस्बे के पश्चिम तरफ स्थित रविदास मंदिर परिसर में पहुचा। सभा में वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास ने अपने समाज को एक दिशा दी। इस अवसर पर फूलचंद प्रसाद विशारद, संजय भारती, धर्मदेव प्रजापति, रामप्रसाद, जितेंद्र भारती, उदयभान, अच्छे, विकास, मनोज आदि रहे। पिपरीडीह / बढुआगोदाम: क्षेत्र के बढुआगोदाम, ताजोपुर, पनियरा, कहिनौर, खरगजेपुर, हांसपुर, भार, सिंहाव, सुअराबोझ, पतिला, बबुआपुर सहित विभिन्न इलाकों में लोगों ने जुलूस निकालकर भ्रमण किया। चिरैयाकोट: कमरवां गांव स्थित रविदास मंदिर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संत रविदास के उच्च आदर्शो को अपने जीवन में उतारने पर जोर दिया गया। इंदारा: क्षेत्र के नगर पंचायत अदरी, लैरोदोनवार, जयरामगढ़, फिरोजपुर, भेलाबांध, रईसा, पिपरौता, खालिसपुर सहित विभिन्न इलाकों में संत रविदास के जीवनवृत्त पर आधारित झांकियां निकाली गई। रानीपुर: ब्लाक मुख्यालय सहित क्षेत्र के काझा, खुरहट, पलिया, पलिगढ़, ब्राह्मणपुरा, मिर्जापुर, खिरिया सहित विभिन्न इलाकों में रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। कोपागंज: हिंदू युवा वाहिनी की तरफ से कस्बा स्थित गौरीशंकर मंदिर प्रांगण में समरसता सहभोज तथा जनचौपाल आयोजित की गई। लोगों ने साथ बैठकर खिचड़ी खाई और जाति-पांति, छुआ-छूत, ऊंच-नीच को समाप्त करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. मिथलेश चौरसिया, मंदिर के महंत चंद्रमौलि गिरी, गुलाबदास, रविदास मंदिर रघौली के महंत कन्हैयादास, विनीत तिवारी, अजय राय, मनोज आदि उपस्थित रहे। रतनपुरा: क्षेत्र के मेऊडी कला, गुलौरी, इटैली, खरका, बिलौझा, करउत, मढैली, बढनपुरा, मुस्तफाबाद, पीपरसाथ, लसरा, दतौडा सहित विभिन्न इलाकों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। दोहरीघाट / कुसुम्हा : क्षेत्र के बुढावर, इब्राहिमाबाद, पतनई, खरकौली, गोठा, कुसुम्हा सहित विभिन्न इलाकों में ग्रामीणों ने गाजे बाजे के साथ जुलूस निकालकर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया। इस दौरान लोगों ने रास्ते भर भजन गाया।