जिले के माध्यमिक विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में छात्रों का कम नामांकन होने पर प्रधानाचार्यों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आदेश जारी होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नामांकन बढ़ाने के लिए पत्र जारी किया है।
जिले में 17 राजकीय और 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। विभाग की ओर से सात राजकीय और 13 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
शासन की ओर से जिले के माध्यमिक विद्यालयों में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई कर निकलने वाले छात्रों को स्वरोजगार के लिए तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। इसके तहत माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नौवीं और 11वीं में व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई अनिवार्य की है।
इसमें विभिन्न ट्रेडों में छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक संख्या में नामांकन कराने के लिए प्रोत्साहित करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 25 से कम छात्रों का नामांकन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
कम दाखिला होने पर प्रधानाचार्यों को निदेशालय में स्पष्टीकरण देना होगा। इस बाबत डीआईओएस गौतम प्रसाद का कहना है कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं के दाखिले के लिए प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया गया है।