जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कितना फर्जीवाड़ा हो रहा है। इसकी बानगी महज 72 घंटे में दूसरी बार सामने आई। द एपेक्स हॉस्पिटल के बाद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रिंस अस्पताल पर छापा मारा गया। इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तो आयुर्वेद विधा में हुआ है। लेकिन यहां मरीजों का इलाज ऐलोपैथी विधा से किया जाता है।फिलहाल अस्पताल को सील कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को भीटी पुल के नीचे चल रहे प्रिंस अस्पताल पर छापा मारा। आयुष विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट से भीटी पुल के नीचे एक अस्पताल की शिकायत मिली। इस पर वह टीम के साथ प्रिंस अस्पताल पहुंचे। टीम को यहां तीन कमरों में 10 बेड का अस्पताल संचालित होता मिला। साथ ही एक महिला मरीज भी भर्ती थी। जांच में पता चला कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन आयुर्वेदिक विधा से है, लेकिन यहां इलाज ऐलोपैथी विधा से हो रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल के पंजीयन की समय सीमा भी खत्म हो चुकी है। नियमानुसार आयुर्वेद विधा से संचालित इस अस्पताल में सिर्फ आयुर्वेदिक की दवाइयां वितरित की जानी चाहिए, लेकिन यहां पर ऐलोपैथी विधा के तहत जांच और ऑपरेशन भी किया जा रहा था। उधर, स्वास्थ्य विभाग की सूचना के बाद क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. सतेंद्र साहू मौके पर पहुंचे और जांच करने के बाद अस्पताल को सील कर दिया।