मऊ। फर्जी पते से लिए गए असलहे लेने की पैरवी मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेशी हुई। जिला जेल बांदा से मुख्तार अंसारी की कोरोना पाजिटिव की रिपोर्ट आई थी। एसीजेएम फास्ट ट्रैक प्रीति भूषण ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद मुख्तार अंसारी के न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 22 मई की तिथि तय की। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जालसाजी के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने जिन लोगों के असलहा लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को अपने लेटर पैड पर पत्र लिखकर असलहा लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की थी। इस पर जिलाधिकारी ने उन लोगों का लाइसेंस जारी कर किया था। बाद में जांच के बाद जिन लोगों के नाम असलहा लाइसेंस जारी किया गया था उनका नाम पता फर्जी पाया गया। इस पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध दक्षिणटोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी सहित सभी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट में पेश किया। इस मामले में बृहस्पतिवार को मुख्तार अंसारी की पेशी थी। बांदा जेल अधीक्षक ने मुख्तार अंसारी के कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट भेजी थी। इस दौरान बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। एसीजेएम फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रीति भूषण ने अभियोजन अधिकारी और मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह के तर्कों को सुनने के बाद मामले में मुख्तार अंसारी की न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए 19 मई की तिथि तय की है।