मनबढ़ों के खिलाफ पहले कलेक्ट्रेट, फिर अस्पताल पहुंचाए जाने पर वहां भी अनशन पर बैठी मां-बेटी की पीड़ा आखिरकार पुलिस ने समझी। शनिवार को को सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने जिला अस्पताल पहुंचकर दोनों का अनशन तुड़वाया और कार्रवाई का आश्वासन देते हुए एक सप्ताह के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
कलेक्ट्रेट पर बुधवार से अपनी मांगों को लेकर धरने और फिर आमरण अनशन पर बैठी मां-बेटी को गुरुवार की शाम को पुलिस कलेक्ट्रेट से उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
जिसके बाद वहां पर भी पुत्री आमरण अनशन पर बैठी रही। जिला अस्पताल में आमरण अनशन पर बैठी घोसी कोतवाली क्षेत्र के करपिया महरुपुर गांव निवासी रंभा यादव पुत्री रामसमुझ यादव और उसकी मां व परिवार के सदस्यों को गांव के ही कुछ मनबढ़ों ने बुरी तरह से पीटा और दोनों का हाथ तोड़ दिया।
इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को भी मनबढ़ों ने नहीं बख्शा। पीड़ित मां और पुत्री जब पिटाई के बाद गुहार लेकर घोसी कोतवाली पहुंची तो वहां पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके विरोध में बुधवार को मां और पुत्री रंभा ने धरना शुरू कर दिया और गुरुवार से मनबढ़ों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गई।
जहां से पुलिस ने जबरन उसे और उसकी मां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अमर उजाला ने मां-बेटी की पीड़ा को प्रमुखता से उठाया। इसपर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी जिला अस्पताल में दोनों से मिलने पहुंचे। एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और जमीन की पैमाइश कराकर कब्जा दिलाने का आश्वासन देकर अनशन तुड़वाया।