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कर्ज माफी की घोषणा से जिले के किसानों में खुशी

Tue, 04 Apr 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
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प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद किसानों के ऋणमाफी की घोषणा की। सरकार की घोषणा को किसान वादे पर पूरी तरह से खरा उतरना नहीं बता रहे हैं, लेकिन इससे काफी राहत महसूस कर रहे हैं। लीड बैंक के प्रबंधक बीडी महतो का कहना है कि गाइड लाइन मिलने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
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मऊ में लघु सीमांत किसानों की संख्या 235982 है, बैंक के आंकड़ों की मानें तो जिले के किसानों को कृषि के मद में 98 करोड़ रुपया कर्ज के रुप में बांटा गया है, इस कर्ज माफी की आस में जुटे किसान मार्च माह में प्रयास करने के बाद भी बैंक को ऋण के मद में किस्त नहीं दिए। मंगलवार की शाम हुई कैबिनेट की बैठक में हुई, एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी की घोषणा से किसान बहुत खुश नहीं दिखा। सीमांत किसान व ताजोपुर गांव निवासी जितेंद्र मिश्र काका ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार अपने वादे पर खरा नहीं उतरी, चुनावी भाषण में कर्ज माफी  की बात हुई थी, न कि एक लाख रुपया कर्ज माफ करने की। अच्छा होता सरकार ब्याज मुक्त कर देती। जितेंद्र ने कृषि के मद में ढाई लाख रुपया कर्ज लिया था। जमा करने के बाद भी दो लाख सत्तर हजार की लाइबेल्टी है। किन्नूपुर गांव निवासी रामप्रकाश सिंह सरकार की घोषणा से काफी खुश दिखे। क्योंकि उन पर एक लाख रुपया कर्ज था। ताजोपुर निवासी किसान बागीश पांडेय ने कहा कि सरकार अपने वादे पर खरा नहीं उतरी। बोले एक लाख की माफी से क्या होगा। किन्नूपुर गांव निवासी सुशील सिंह सरकार की घोषणा से काफी खुश है। सुशील पर एक लाख रुपये का ही ऋण है। किसान नेता देव प्रकाश राय ने बताया कि नियमानुसार बैंक किसानों को छह-छह माह का फसली ऋण देती है, इसके तहत एक फसल तैयार होने पर किसान उसका ऋण जमा कर दूसरा कर्ज ले लेता है। सरकार के फैसले के अनुसार 31 मार्च 2016 तक के फसली ऋण का लाभ किसानों को मिलेगा। इसके बाद ऋण लेने वालो को इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में जो किसान समय से कर्ज की अदायगी करते आए हैं, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। डिफाल्टर घोषित हो चुकें किसानों को लाभ मिलेगा।
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