मौसम में बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुबन की ओपीडी में बीते तीन दिनों से सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, खांसी, गले के संक्रमण, एलर्जी, अस्थमा और पेट से जुड़ी समस्याओं वाले मरीज लगातार पहुंच रहे हैं।
डॉ. मारकंडे यादव ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण शरीर को तापमान और आर्द्रता के अनुसार ढलने में समय लगता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और वायरस व बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं।
जोड़ों में दर्द, थकान और कमजोरी की शिकायत भी बढ़ जाती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस व पुरानी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को अधिक खतरा रहता है। डॉ. यादव ने बताया कि ठंड बढ़ने पर लोग पानी कम पीने लगते हैं। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
सलाह दी कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और नियमित रूप से हाथ धोते रहें। पौष्टिक भोजन करें और मौसम ठंडा होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। कहा कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।