मऊ। कोरोना संक्रमण काल में भी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की लापरवाही कम होती नहीं दिख रही है। ऐसा ही एक मामला शनिवार को जिला अस्पताल के इंमरजेंसी में आया। जहां इलाज न मिलने से एक वृद्ध की मौत हो गई। घटना से नराज परिजनों ने इमरजेंसी गेट पर हंगामा करते हुए बवाल काटा। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी गायब हो गए।
दोहरीघाट के औराडाड गांव निवासी दिलीप ने बताया कि उसके पिता इंद्रदेव 60 के सीने में दर्द होने पर वह शनिवार की भोर में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। आरोप लगाया कि पहले तो चिकित्सकों ने उसके पिता को भर्ती करने में पहले लापरवाही बरती गई। इसके बाद सुबह उसके पिता की कोविड जांच, ब्लड जांच कराने की बात कही और फिर इलाज करने को कहा, इसके बाद उसके द्वारा अपने पिता की जांच कराई गई। वह डाक्टर को दिखाने के लिए इधर उधर भटकता रहा, लेकिन उसके पिता को इलाज नहीं मिल सका। इसबीच दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई।
इलाज में लापरवाही तथा अपने मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने जमकर हंगामा करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। मृतक मरीज के परिजनों के नाराजगी भरे रवैया को देखते हुए ड्यूटी से गायब हो गए। इस बाबत सीएमएस डॉ. ब्रजकुमार का कहना है कि मरीज गंभीर स्थिति में भर्ती हुआ था। शनिवार को जांच के दौरान संभवत हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।