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Mau News: अंगारों पर नंगे पांव चलकर पेश किया पुरसा

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कोपागंज में मोहर्रम के ग्यारहवें दिन अंगारो पर चक्कर मातम मनाते लोग
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कोपागंज। नगर के मोहल्ला फुलेल पूरा चौक नंबर एक स्थित सदर इमामबाड़ा में 11 मुहर्रम की रात अकीदतमंदों ने अंगारों पर नंगे पांव चलकर मातम किया। शहीदाने कर्बला व असीराने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
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कार्यक्रम की शुरुआत रात नौ बजे हुई मजलिस से हुई। मजलिस का आगाज अंजुमन इमामिया की मर्सियाखानी से हुआ। इसके बाद इमाम-ए-जुमा व जमाअत मौलाना हसन रजा साहब ने खिताब किया। उन्होंने 11वें मुहर्रम के हवाले से इमाम हुसैन के लुटे हुए काफिले और कर्बला की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 10वीं मुहर्रम को इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के बाद भी जुल्म का सिलसिला नहीं रुका। अगले दिन उनके घराने की औरतों और बच्चों को कैद कर लिया गया और उन्हें कठिन परिस्थितियों में सफर कराया गया। उन्होंने कर्बला के बच्चों और असीराने कर्बला की तकलीफों को याद करते हुए कहा कि उन्हीं की याद में अकीदतमंद मातम कर पुरसा पेश करते हैं। मजलिस के बाद अंजुमन इमामिया, अंजुमन हैदरी, अंजुमन इमामिया कदीम और अंजुमन सज्जादिया ने नौहाख्वानी कर मातम पेश किया। नौहों के बाद छोटे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अंगारों पर चलकर हजरत इमाम हुसैन और हजरत सज्जाद की मुसीबतों को याद किया। इसके बाद जंजीर और कमा का मातम भी किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद और महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मौलाना हसन रजा, मौलाना असद अली, मौलाना मुन्तजिर मेहंदी, सेठ अम्बर हुसैन, असद रजा आदि शामिल थे।
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