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Mau News: डीएपी संकट से धान की रोपाई प्रभावित, खाद के लिए भटक रहे किसान

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बहरामपुर गांव में  खेतों में रोपाई करते मजदूर।संवाद
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मौसम में बदलाव के बाद हो रही लगातार बारिश के बीच धान की रोपाई चरम पर है। लेकिन ऐसे समय में डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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सरकारी केंद्रों, साधन सहकारी समितियों और निजी खाद की दुकानों तक पर डीएपी उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। समय पर खाद नहीं मिलने के कारण कई किसानों को बिना डीएपी डाले ही धान की रोपाई करनी पड़ रही है, जबकि कई किसानों की रोपाई अब भी अधूरी है।
बहरामपुर के किसान रामजी उपाध्याय, विष्णुदेव मिश्रा, जिवोधन सिंह, हरेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि डीएपी के अभाव में रोपाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि मजबूरी में कई किसानों ने बिना खाद डाले ही धान की रोपाई कर दी है, जिससे भविष्य में उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
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किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान एक बोरी खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।
इधर, बहरामपुर साधन सहकारी समिति में स्थिति और गंभीर है। समिति के दोनों गोदामों में करीब 995 कुंतल सरकारी गेहूं डंप होने के कारण डीएपी, यूरिया, एनपीके समेत अन्य उर्वरकों का भंडारण नहीं हो सका है।
समिति के प्रभारी सचिव उमाकांत यादव ने बताया कि शुक्रवार को एक ट्रक गेहूं उठान के लिए भेजा जा रहा है। गोदाम खाली होते ही उर्वरकों की आपूर्ति मंगाई जाएगी। स्टॉक न होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
प्रतिक्रिया-
धान की रोपाई का समय निकलता जा रहा है, लेकिन डीएपी कहीं नहीं मिल रही है। सरकारी केंद्रों से लेकर निजी दुकानों तक चक्कर लगा चुके हैं। निजी दुकानों पर खाद महंगे दामों पर बेची जा रही है। समय पर खाद नहीं मिली तो फसल का उत्पादन प्रभावित होना तय है। -रामजी उपाध्याय, किसान बहरामपुर
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बारिश के कारण रोपाई शुरू हो चुकी है, लेकिन डीएपी के अभाव में खेत तैयार नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में महंगी खाद खरीदनी पड़ रही है या बिना डीएपी के काम चलाना पड़ रहा है। समिति पर एक बोरी भी खाद अब तक नहीं आई है। -जिवोधन सिंह, किसान बहरामपुर
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