फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान की रोपाई शुरू, समितियों पर लटक रहा ताला

विज्ञापन
विज्ञापन
रानीपुर/मऊ। सरकार की तरफ से किसानों को समय से खाद बीज देने की योजना का लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। धान की रोपाई कार्य शुरू हो गया है, लेकिन समितियों पर डीएपी नदारद है। समितियों पर खाद न मिलने से निजी दुकानदारों का चांदी कट रही है। वह मनमाने दाम पर उर्वरक बेच रहे हैं। परेशान किसान समितियों का चक्कर काट रहे हैं। विभागीय अधिकारी जिला मुख्यालय से डीएपी की रैक न आना बता रहे हैं।
विज्ञापन

रानीपुर ब्लाक क्षेत्र में किसानों को खाद बीज समय से वितरित करने के लिए 13 साधन सहकारी समितियां हैं। जिसमें पांच समितियों को गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। समितियों के गोदाम में गेहूं भरे रहने से खाद ही नहीं मंगाया गया है। जबकि धर्मसीपुर, खुरहट, कमालसेनपुर, पलिया, लोहाटिकट, फत्तेपुर, खिरिया सहित विभिन्न समितियों पर डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक नदारद हैं। धान की रोपाई शुरु हो गई है, लेकिन समितियों पर ताला लटक रहा है। डीएपी कब आएगी लोगों को पता नहीं चल पा रहा है। हालत यह है कि समितियों पर डीएपी, यूरिया नदारद रहने से निजी दुकानदार मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
इस संबंध में क्षेत्र के खुरहट गांव के किसान रामदुलारे का कहना है की नर्सरी तैयार हो गई है। रोपाई के लिए डाई की आवश्यकता है लेकिन डाई नही मिल पा रही है। निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदना संभव नहीं हो पा रहा है। कसारी गांव निवासी धीरज कुमार का कहना है कि समितियों पर कब डीएपी आएगी पता नहीं चल पा रहा है। निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है।
विज्ञापन

धर्मसीपुर निवासी किसान विनोद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हम लोगों के जरुरत के समय समिति पर खाद बीज नहीं मिल पाता है। इसी क्रम में धर्मसीपुर के किसान अशोक यादव का कहना है कि समितियों पर जरुरत के समय डीएपी, यूरिया उपलब्ध ही नहीं रहती है। अधिक दाम पर खरीदने के बाद भी गुणवत्तापरक खाद नहीं मिल पा रही है। इस बाबत एडीओ कोआपरेटिव रविकांत यादव का कहना है कि डीएपी की डिमांड लगा दी गई है। रैक आते ही समितियों पर डीएपी भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें