सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत मऊ जिले से ही शुरू की है। पूर्व में रसड़ा विधान सभा के अंतर्गत आने वाले रतनपुरा ब्लॉक में अपनी राजनीतिक गतिविधियों से उन्होंने राजनीतिक कैरियर शुरू किया था। पिछली बार 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में गठबंधन के चलते भाजपा ने सदर विधान सभा सीट, जिसमें रतनपुरा ब्लॉक के गांव भी शामिल हैं, सुभासपा को दे दी थी।
सदर विधान सभा सीट से ओपी राजभर ने अपने रिश्तेदार महेंद्र राजभर को टिकट दिया था। मोदी लहर के उस चुनाव में भाजपा और सुभासपा के संयुक्त प्रत्याशी महेंद्र राजभर ने माफिया मुख्तार को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि महेंद्र को हार का सामाना करना पड़ा था। लेकिन कांटे की टक्कर की वजह से मुख्तार महज 8698 वोटों से जीत सके थे।
मुख्तार को कुल 96793 (36.62 प्रतिशत) वोट मिले थे, जबकि महेंद्र राजभर को(33.33 प्रतिशत) 88095 मत मिले थे। सपा प्रत्याशी अल्ताफ अंसारी को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था, उन्हें 72016 (27.25 प्रतिशत ) वोट मिले थे। सपा भी इस चुनाव में छोटे दलों की अहमियत को भांपते हुए सुभासपा के साथ गठबंधन की इच्छुक थी।
अब दोनों दलों के बीच गठबंधन होना पक्का हो गया है। जानकारों का कहना है कि इस बार भी अगर सपा और सुभासपा के गठबंधन के बाद कोई प्रत्याशी घोषित होता है तो वह मुख्तार अथवा भाजपा दोनों को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में होगा।