बालनिकेतन ओवरब्रिज के लिए रेल बजट में धन स्वीकृत होने से यहां के व्यापारियों से लेकर नेताओं, संगठनों एवं आम नागरिकों ने खुशी जताई है। बालनिकेतन पर कल्पनाथ राय के समय से ही ओवरब्रिज की मांग चली आ रही है। शहर के विकास में यह चौथा ओवरब्रिज होगा। यहां मुंशीपुरा, भीटी तमसा के साथ ही सिकटिया पर पहले से ही ओवरब्रिज है।
यहां बालनिकेतन फाटक पर प्रतिदिन शहरवासियों की हो रही फजीहत से लोग आजिज आ गए थे। वाराणसी की तर्ज पर मऊ रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण एवं विकास का श्रेय जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय को जाता है, वहीं यहां पर टर्मिनल एवं वाशिंगपिट सहित कई ट्रेनें पूर्व में दी गईं।
बावजूद इसके इन सभी कार्यों पर बालनिकेतन की समस्या सब पर भारी पड़ती थी। इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधि से लेकर विभिन्न संगठन हमेशा मांग उठाते रहते रहे। इस रेल बजट में यह मांग पूरी हो गई। बालनिकेतन ओवरब्रिज के लिए 17.50 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है।
यहां के सांसदों ने भी कई बार इसके लिए आवाज उठाई थी। कभी प्रदेश सरकार से एनओसी तो कभी यहां पर ओवरब्रिज बनने की असमर्थता से मांग परवान नहीं चढ़ी। पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल कहते हैं कि बालनिकेतन ओवरब्रिज की मुराद पूरी होने में प्रदेश सरकार से लेकर रेल राज्य मंत्री का बहुत बड़ा योगदान है।
यहां एनओसी के मामले को लेकर जिले में आए सीएम से मंच से घोषणा भी कराई थी। इसके बाद इस बड़ी मांग को गति मिली। उन्होंने मऊ से संबंधित रेल योजनाएं मिलने पर सपा समर्थकों संग मिलकर जश्न मनाया।
गोपालकृष्ण बरनवाल कहते हैं कि शहर में आने जाने के लिए इस स्थान पर दिन में दर्जनों बार वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी। विजय सराफ कहते हैं कि बालनिकेतन की समस्या से शहर के अंदर का व्यापार प्रभावित होता था।
शहर के अंदर जल्दी कोई आना नहीं चाहता था लेकिन ओवरब्रिज बन जाने से यहां व्यापारियों को ज्यादा फायदा होगा। गनी अहमद का कहना है कि बाल निकेतन पर ओवरब्रिज के बनने से शहरवासियों की बहुत पुरानी मांग पूरी हुई है।