जिले में राजकीय नलकूपों के संचालन की स्थिति बेहद खराब है। ज्यादातर नलकूपों की नालियां जर्जर हाल में हैं। नाली क्षतिग्रस्त होने के कारण दूर वाले खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी नलकूप योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में 2.48 लाख किसानों के लिए 402 नलकूप लगाए गए हैं, लेकिन इन नलकूपों को चलाने और बंद करने के लिए मात्र 60 ट्यूबवेल ऑपरेटर तैनात हैं।
कागज पर तो सभी नलकूप चालू हालत में हैं, लेकिन रखरखाव सही ढंग से न होने के कारण कई नलकूप मामूली खराबी के चलते अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। महकमे के आला अधिकारी बजट की कमी का रोना रो रहे हैं।
जिले में सिंचाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए शासन की ओर से 402 राजकीय नलकूपों की स्थापना की गई है, लेकिन इन्हें चलाने के लिए मात्र 60 ऑपरेटर तैनात हैं।
एक राजकीय नलकूप से लगभग 500 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन की सिंचाई की जाती है। एक ऑपरेटर के ऊपर छह से अधिक नलकूपों की जिम्मेदारी है। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेटर नलकूप की चाबी काश्तकारों के पास रख देते हैं।
ऑपरेटरों की कमी और नलकूपों के रखरखाव की दयनीय स्थिति के कारण कई नलकूप किसानों के लिए अनुपयोगी हो गए हैं। अधिकांश नलकूपों की नालियां जर्जर हैं।
नाली क्षतिग्रस्त होने के कारण दूर वाले खेतों में पानी नहीं पहुंच पाता है, जिससे किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है और खेती की लागत बढ़ रही है। विभागीय उदासीनता के कारण किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
महकमे की ओर से 80 राजकीय नलकूपों की स्थिति सुधारने के लिए दो करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक धन नहीं मिला है।
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बदहाल पड़े हैं राजकीय नलकूप
अमिला। बड़रांव ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगे राजकीय नलकूपों का रखरखाव सही ढंग से न हो पाने के कारण वे बदहाल हैं। कहने को 47 नलकूप लगे हैं, लेकिन मात्र आठ ऑपरेटर तैनात हैं। मुहम्मदाबाद सिपाह में स्थापित राजकीय नलकूप 122 जीजी बदहाल पड़ा है। किसानों का आरोप है कि नलकूप परिसर की नालियां जगह-जगह टूटी हुई हैं और साफ-सफाई का भी अभाव है। लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव न होने के कारण खेती पर विपरीत असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सिंचाई व्यवस्था सुचारु न होने से कृषि लागत बढ़ रही है और उन्हें निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। अवर अभियंता राजकुमार मौर्य का कहना है कि एक ट्यूबवेल ऑपरेटर को पांच से छह नलकूपों की जिम्मेदारी दी गई है। संवाद
दूर वाले खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा पानी
कुसुम्हा। क्षेत्र के लामी स्थित राजकीय नलकूप की नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण दूर वाले खेतों के अंतिम हिस्सों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है, लेकिन किसान खेत की तैयारी नहीं कर पाए हैं। दोहरीघाट ब्लॉक में 18 राजकीय नलकूप हैं, लेकिन दो ऑपरेटर तैनात हैं। नलकूपों में मामूली खराबी आने पर किसानों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संवाद
कोट-
सभी राजकीय नलकूप चालू हालत में हैं। सीमित संसाधनों से किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास जारी है। इस समय 60 ऑपरेटर की तैनाती है। 80 राजकीय नलकूपों की स्थिति में सुधार के लिए दो करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। -अरुण कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता, राजकीय नलकूप