मऊ। जनपद में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मौत का आंकड़े का ग्राफ बढ़ा है। इसकी पुष्टि जिले के दस निकायों के दस्तावेज साबित कर रहे है। बीते अप्रैल माह में दस निकायो में 386 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए है। इसमें सर्वाधिक मऊ नगर पालिका द्वारा 258 लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया है। निकायों द्वारा जारी प्रमाण पत्र बीते वर्ष की तुलना में कहीं ज्यादा है।
जिले में कोरोना संक्रमण से लोगों की मौत का आंकड़ा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते 31 मार्च तक संक्रमण से जिले में 39 मौतें हुई थी। वहीं मंगलवार तक यह संख्या 60 तक पहुंच गई। इसके विपरित जिले के दस निकायों द्वारा जारी किए मृत्यु प्रमाण पत्र कुछ ओर स्थिति बयां कर रहे है। नगर निकायों के आंकड़ों पर गौर करे तो बीते वर्ष के अप्रैल माह के सापेक्ष बीते अप्रैल माह में ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। सबसे ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका मऊ द्वारा बनाया गया है।
आंकड़ों पर गौर करे तो नगर पालिका मऊ द्वारा बीते अप्रैल माह में 258 लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं मार्च माह में 232 जबकि फरवरी माह में 271 लोगों को प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत द्वारा 23, मधुबन नगर पंचायत द्वारा 8, चिरैयाकोट नगर पंचायत द्वारा 38, कोपागंज नगर पंचायत द्वारा 18, घोसी नगर पंचायत द्वारा 15,दोहरीघाट नगर पंचायत द्वारा 12, अदरी नगर पंचायत द्वारा 4 तथा वलीदपुर नगर पंचायत द्वारा 10 मृत्युप्रमाण पत्र जारी हुए है। केवल अमिला नगर पंचायत द्वारा अप्रैल माह में एक भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं जारी किया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने लोगों की जान कोरोना से गई है। दरअसल, जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार अप्रैल और मई में अधिक रही है।