मऊ। विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण के मामले में आरोपी उमर अंसारी सोमवार को कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस पर एसीजेएम/एमपी एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने उमर के विरुद्ध गैरजमानती वारंट के साथ ही संपत्ति कुर्क करने के लिए धारा 82 सीआरपीसी के तहत फिर नोटिस जारी किया। मामले में सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तिथि तय की।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप है कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान
मऊ जिला प्रशासन को चुनाव के बाद हिसाब किताब करने की धमकी मंच से दी थी। पुलिस ने मामले में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया है। मामले में आरोपी उमर अंसारी की पत्रावली अलग कर दी गई है। वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा है। एसीजेएम ने उमर अंसारी के विरुद्ध गैरजमानती वारंट के साथ ही उसकी संपत्ति कुर्क करने के लिए धारा 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किया। सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तिथि तय की है।