विभिन्न मांगों को लेकर बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते जिले में बैंकों के ताले नहीं खुले। अफसरों और कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं पर नारेबाजी के बीच विरोध प्रदर्शन किया। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बुधवार को 70 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। उधर, बैंक बंद होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी और निजी बैंकों के हड़ताल में शामिल होने से एटीएम में भी कैश नहीं भरे जा सके।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बुधवार को बैंकों की हड़ताल पूरी तरह सफल रही। जिले के सभी बैंकों के ताले नहीं खुले। हड़ताली बैंक कर्मियों ने बैंक आफ बड़ौदा शाखा के सामने सामूहिक धरना प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हए यूनाइटेड फोरम के स्थानीय संयोजक राम अवतार सिंह ने कहा कि बैंकों का परिचालन लाभ लगातार बढ़ रहा है। बैंक कर्मी एक नवंबर 2017 से उचित वेतनवृद्धि पाने के हकदार हैं। कहा कि सरकार यदि द्विपक्षीय वार्ता के लिए तैयार नहीं होती है तो बैंककर्मी आंदोलन को और तेज करेंगे।
पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबी आई एक्सिस बैंक, एचडीएफसी, एलडीएम कार्यालय और यूनियन बैंक आफ इंडिया नरई बांध की शाखाओं पर बैंक कर्मियों ने एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने सरकार द्वारा मात्र दो प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव पर केंद्रीय श्रमायुक्त समक्ष प्रदर्शित अडियल रवैये की तीखी आलोचना किया। बैंकों की हड़ताल के चलते जनपद की व्यावसायिक गतिविधियां काफी बुरी तरह प्रभावित हुईं। जिले में लगभग 70 करोड़ रुपयों का कारोबार प्रभावित हुआ।
हड़ताला और विरोध प्रदर्शन में बालाजी मोदी, विक्रम राम, नरेंद्र सिंह, चंद्रकांत, त्रिभुवन अभिषेक कुमार, अरुण कुमार, रमाकांत, सुमित कुमार, सुधीर कुमार, राधेश्याम, बृजेश कुमार, अमन कुमार आनंद, अंकुर, अनिल कुमार, रामप्रवेश और जयप्रकाश सहित सैकड़ों बैंककर्मी शामिल रहे।