महाराजा सुहेलदेव की वीरगाथा को मिलेगा सम्मान
डॉ. अरविंद राजभर ने महाराजा सुहेलदेव को चक्रवर्ती सम्राट और राष्ट्रवीर बताते हुए कहा कि उन्होंने बहराइच के मैदान में विदेशी आक्रांताओं को हराकर भारत की संस्कृति और सम्मान की रक्षा की। ऐसे वीर नायकों के नाम पर ही मेले और उत्सव आयोजित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर मेला लगाना ही है तो महाराजा सुहेलदेव राजभर, पृथ्वीराज चौहान, गुहराज निषाद, दामोदर चापेकर और अशफाक उल्ला खान जैसे देशभक्तों के नाम पर लगाया जाए, न कि भारत को लूटने और तहस-नहस करने वाले आक्रांताओं के नाम पर।
सरकार को समर्थन
सुभासपा ने केंद्र और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर समर्थन देने की घोषणा की। डॉ. राजभर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह विदेशी आक्रांताओं के नाम पर होने वाले आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए। जनता को भी इस बात की मांग करनी चाहिए कि ऐसे आक्रांताओं के नाम पर किसी प्रकार का आयोजन न हो। यदि सरकार इस पहल में आगे बढ़ेगी, तो सुभासपा उसका पूर्ण समर्थन करेगी।
आगामी 10 जून को महाराजा सुहेलदेव राजभर जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक गौरव को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से राष्ट्रवीरों की गाथा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।