शिक्षा सत्र शुरू होने के सात दिन बाद भी चयनित अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इसके चलते विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। जबकि शासन ने एक अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र में चयनित 55 प्राथमिक तथा 11 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने का आदेश दिया था। विभाग ने 27 मार्च को शिक्षक चयन के लिए परीक्षा कराई थी, जिसमें 314 शिक्षक सफल कए थे। अगले दिन साक्षात्कार भी लिया गया, लेकिन तैनाती अधर में है। अधिकारी चुनाव आचार संहिता बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में 55 प्राथमिक तथा 11 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए स्कूलों का चयन किया गया। चयनित अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में एक अप्रैल से अंग्रेजी माध्यम से पठन पाठन शुरू किया जाना था। विभाग की तरफ से शिक्षकों के चयन के लिए गत 27 मार्च को सोनीधापा बालिका इंटर कालेज में परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा में शामिल 481 के सापेक्ष 314 शिक्षक सफल हुए थे। गत 28 अप्रैल को परीक्षा में उत्तीर्ण 314 शिक्षकों का चयन समिति ने डायट में साक्षात्कार भी लिया था। लेकिन अभी तक शिक्षकों की विद्यालयों में तैनाती नहीं की जा सकी है। जबकि प्रत्येक विद्यालय में पांच-पांच शिक्षकों की तैनाती की जानी है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो 10 अप्रैल को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग होगी। गत वर्ष शासन की तरफ से 50 प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का चयनित किया गया था। इसके चलते अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खुलने से अभिभावकों का रुझान भी बढ़ा था। बच्चों के नामांकन पर नजर डाला जाए तो वर्ष 2017-18 में 133319तथा वर्ष 2018-2019 में 148702 बच्चों का नामांकन किया गया था।
जबकि इस वर्ष चयनित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षकों के तैनाती पर ब्रेक लगा हुआ है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती कब तक होगी। अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।