मऊ। शहर में आटो रिक्शा और सवारी वाहनों के लिए स्टैंड न होने से यातायात व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है। आटो रिक्शा चालक मनमाने तरीके से तिराहों, चौराहों पर कहीं भी वाहन रोककर सवारियां बैठाने और उतारने में लग जाते हैं। जिस कारण भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हालांकि कई बार लोगों ने अधिकारियों से इस संदर्भ में अवगत भी कराया। लेकिन इसके बाद भी स्थित जस की तस बनी हुई है। आलम यह है कि कई बार सड़क किनारे सवारी भरने और उतारते समय दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
शहर में सैकड़ों की संख्या में आटो, ई-रिक्शा सड़क पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। शहर के गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़, बाल निकेतन, भीटी, मिर्जाहीदीपुरा, बलिया मोड़ आदि स्थान पर सैकड़ों की संख्या में सवारी वाहन हर रोज खड़े होते हैं। लेकिन आटो स्टैंड न होने से सवारी वाहन आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं। जिस कारण हर रोज कई बार भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इन वाहनों पर कार्रवाई के नाम पर महज कोरम पूरा किया रहा है।
शहर के गाजीपुर तिराहा की स्थित सबसे ज्यादा दयनीय है, यहां आटो और मैजिक चालकों में सवारियों को बैठाने को लेकर अक्सर झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आटो रिक्शा स्टैंड निर्धारित होने से वाहनों के सड़क पर खड़ा करने की समस्या से निजात मिलेगी, साथ ही यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अनदेखी कर रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
लोगों की मांग है कि शहर में आटो रिक्शा चालकों को लिए स्टैंड का निर्धारण जल्द किया जाए। ईओ नगर पालिका दिनेश कुमार का कहना है कि इसके लिए आलाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। जल्द ही शहर में सवारी वाहन स्टैंड के लिए स्थान का चयन कर स्टैंड बना दिया जाएगा।