नगर पालिका के कंधेरी के पास सोमवार को डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन देखने पहुंचे अधिकारी।
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एनजीटी टीम की फटकार के बाद अधिकारी डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन तलाशने निकल पड़ हैं। सोमवार को अधिकारियों का दल गांव-गांव जमीन की तलाश करता रहा। नगर के विभिन्न वार्डो से प्रतिदिन निकलने वाला सैकड़ों टन कचरे के निस्तारण के लिए डपिंग ग्रांउड के लिए जमीन तलाशी जा रही। बीते 48 घंटों में अब तक अधिकारियों का एक दल छह से ज्यादा जगहों को देख चुका है। उधर, डपिंग ग्राउंड न बनने तक कचरा परदहा में पालिका की खाली जमीन पर डंप किया जा रहा है। साथ ही ढेकुलिया घाट से लेकर बम घाट तक साफ सफाई को लेकर खासी सतर्कता बरतने के साथ पौधरोपण करने की योजना तैयार की जा रही है।
नगर पालिका के पास डपिंग ग्रांउड न होने से नगर पालिका द्वारा नगर के 42 वार्डो से निकलने वाला करीब 115 टन कचरा तमसा नदी किनारे ग्रीन बेल्ट में डंप किया जा रहा था। हालांकि नगर पालिका द्वारा एक जून को सेवानिवृत्त जज डीपी सिंह के नेतृत्व में एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम द्वारा तमसा नदी और आस पास के क्षेत्रों में निरीक्षण को लेकर कुछ दिन पहले ही कचरा डंप कर दिया था। बावजूद टीम को निरीक्षण में ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में ना केवल गंदगी मिली, बल्कि तमसा नदी कि तट पर सालों से डंप हो रहे कचरे का ढेर भी मिला। वहीं नगर की गंदगी भी तमसा नदी में प्रवाहित होते दिखी थी। जिस पर टीम ने नाराजगी जताते हुए नगर पालिका को कचरा डंप के लिए डपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था। साथ ही तमसा नदी से पानी का सैंपल लेने की भी कार्रवाई की।
उधर एनजीटी तथा प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों की फटकार के बाद कई महिनों से सुस्त हो चुकी डपिंग ग्राउंड की जमीन तलाशने की कवायद एक बार फिर शुरू हो चुकी है। अधिकारियों का एक दल नगर के सीमावर्ती गांव रईसा, कंधेरी, सलाहाबाद, इटौरा, पुराघाट, खुरहट सहित अन्य जगहों पर जमीन देखता रहा।
इस बाबत नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी का कहना है कि डपिंग ग्रांउड के लिए जमीन तलाशने की कवायद की जा रही है। इसी माह में जमीन को चिह्नित कर डपिंग ग्राउंड बनाने का प्रस्ताव बनाकर इसे शासन को भेजा जाएगा।