मऊ। प्रसाद पाने से प्रभु के साक्षात दर्शन का पुण्य मिलता है। सात्विक भाव से प्राप्ति प्रसाद अमृत स्वरूप हो जाता है। उक्त विचार है धार्मिक सेवा दार और सत्ती घाट शिव मंदिर के प्रमुख डॉ. राम गोपाल के। वे नगर के बल्लीपुरा स्थित देवाधिदेव बाबा भोले नाथ के दरबार मे आयोजित भंडारा के दौरान उक्त विचार भक्तों के बीच रख रहे थे। कहा कि मनुष्य को मंदिर में कभी भी खाली हाथ नही जाना चाहिए। अपनी शक्ति व श्रद्धा के अनुसार जीवन मे दान पुण्य अवश्य करना चाहिए। क्योंकि दान करने से मनुष्य का इह लोक और परलोक दोनों सुधर जाता है। अस्थाई मंच से विजय तुलास्यान, प्रदीप वर्मा ने संबोधित कर भक्तों को भक्ति की धारा मे ओत प्रोत किया। प्रात: काल से मंदिर मे बाबा भोले नाथ का श्रृंगार कमल के फूलों से वाराणसी के कारीगरों द्वारा सजाया गया और यज्ञ हवन किया गया। यज्ञ के बाद मंदिर के प्रमुख कैलाश चंद जायसवाल द्वारा भंडारा भोग आरती के साथ खोला गया। इस अवसर पर नगर के हजारों श्रद्धालुओ ने प्रसाद पूरी श्रद्धा व आस्था से ग्रहण किया। इस अवसर पर आनंद गुप्ता, अनिल शर्मा, शरद राय, रमेश कन्नौजिया, गोविंद कांस्यकार, विश्वनाथ पांडेय, महेंद्र वर्मा, मनोज मद्धेशिया, दीपक जायसवाल, पंकज जायसवाल, सुरेश वर्मा, मनीष मद्धेशिया, रवि बरनवाल आदि मौजूद रहे।